यह शिवपुरी जिला हैं: शिफ्ट बदलने पर हर काम की मांगा रिश्वत रूपी नेग, रेट लिस्ट पहुंची UP तक - Shivpuri News

शिवपुरी। यह शिवपुरी जिला हैं,शिवपुरी जिले मे एक रिश्वत को नेग के रूप में परिभाषित कर दिया है,अब शिवपुरी जिला अस्पताल की नेग रूपी रेट यूपी तक पहुंच गई है। इस नेग की रिश्वत से परेशान होकर पीडित ने इस नेग की शिकायत सीएम हेल्पलाइन तक करने की कह दिया कि मप्र में ऐसा होता हैं हमारे यूपी में ऐसा नही होता,क्यो कि एक ही काम के शिफ्ट बदलने पर बदले हुए कर्मचारी ने उससे रिश्वत रूपी नेग वसूल लिया।

मामला यह हैं कि जिला अस्पताल में मंगलवार को इटावा निवासी एक शिक्षिका को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल में प्रसव कराना पड़ गया। प्रसव तो हो गया लेकिन प्रसव के बाद वहां के स्टाफ में नेग के नाम पर पैसों की लूट की जो होड़ मची उसने उत्तर प्रदेश के रहने वाले इस परिवार के सामने जिला अस्पताल की छवि को धूमिल करके रख दिया है। पीड़ित का कहना है कि उनके उप्र में तो ऐसा नहीं होता है, यहां तो शिफ्ट बदलते ही हर बाई को काम का दाम लग रहा था।

जानकारी के अनुसार इटावा निवासी संगीता पत्नी हितेंद्र कुमार का चयन संविदा शिक्षिक वर्ग-2 में हुआ है। वह अपने पति व भाई के साथ विगत दिवस धार ज्वाइनिंग के लिए गई थी। धार से ज्वाइनिंग कर वापिस इटावा जाते समय संगीता को शिवपुरी पहुंचते ही प्रसव पीड़ा हुई तो पति हितेंद्र मंगलवार की सुबह 6ः30 बजे उसे जिला अस्पताल ले आया।

जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान संगीता ने बेटे को जन्म दिया। हितेंद्र के अनुसार बेटा होने पर वहां बाईयों ने नेक और श्रद्धा के नाम पर पैसा मांगना शुरू कर दिया। बकौल हितेंद्र उसने बच्चे की खुशी में वहां मिठाई भी बांटी और कुछ पैसा भी बाईयों को बांट दिया। हितेंद्र का कहना है कि इसके बाद तो जैसे-जैसे शिफ्ट बदलती गईं वैसे-वैसे नई-नई बाईयां उनके पास नेग के नाम पर पैसे मांगने आने लगीं।

उसने इस बात पर नाराजगी जाहिर करते हुए यह कहा कि उनके यहां उप्र में ऐसा नहीं होता है, तो वहां एक बाई का कहना था कि हमारे एमपी में तो ऐसा ही होता है। कुल मिलाकर जिला अस्पताल में पदस्थ पैसों की भूखी कुछ बाईयों के कारण न सिर्फ पूरे स्टाफ की छवि बल्कि जिला अस्पताल की छवि दूसरे प्रदेश के व्यक्ति के सामने धूमिल हुई है। हितेंद्र का कहना है कि वह यहां से बहुत ही खराब यादें लेकर जाएगा।

स्ट्रेचर से उतारने तक का लगा नेक

पीड़ित परिवार का कहना है कि सबसे पहले तो बच्चा होने के बाद ही अंदर वाली बाइयों ने नेग मांगा, इसके बाद जो बाईयां संगीता को पलंग तक लेकर गईं उनने भी पैसे मांगे, न देने पर कह दिया कि व पैसे लिए बिना नहीं जाएगी। इसके बाद आज जब संगीता ड्रेसिंग के लिए गई तो बाई ने स्ट्रेचर से उतारने तक के पैसे मांगे। यहां हर काम का दाम मांगा गया।

CM हेल्प लाइन पर दर्ज कराएंगे शिकायत

पीड़ित पक्ष का कहना है कि कोई यहां परदेशी हैं, यात्रा से लौट रहे हैं। ऐसे में स्वभाविक है कि उसके पास बहुत ज्यादा पैसा हो होगा नहीं, इसके बाबजूद पैसों के लिए इस हद तक संबंधित पर दबाब बनाना कहां तक जायज है? हितेंद्र के अनुसार हमारे पास तो कुछ पैसे बचे थे अगर ऐसा नहीं होता तो क्या होता? यहां हमें तो कोई सुविधा ही नहीं दी जाती! पीड़ित पक्ष का कहना है कि वह मामले की शिकायत सीएम हेल्प लाइन पर दर्ज करवाएंगे।

इनका कहना है
मामला आपके द्वारा मेरे संज्ञान में लाया गया है, मैं इस मामले की जांच करवा लेता हूं कि आखिर किसने और क्यों पैसे मांगे हैं। जो भी दोषी पैसे मांगने के मामले में ट्रेस होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ आरके चौधरी,सिविल सर्जन