हत्या या आत्महत्या: दो टुकड़ों में लाश के रूप में मिला राम लखन की जीभ खोल सकती हैं उगलेगी राज - Shivpuri News

शिवपुरी। बीते 28 तारीख को रातौर रेलवे क्रॉसिंग के पर मिली राम लखन बिरथरे की लाश की गुत्थी अभी 8 दिन बाद भी जस की तस है। पुलिस अभी इस मामले में हाथ पर हाथ रखे बैठी है। अभी पुलिस यह क्लियर नहीं कर पाई है कि छोटू की हत्या की है या उसने आत्महत्या की है। हालांकि पुलिस इस मामले में पीएम रिपोर्ट और युवक के मोबाइल की सीडीआर का इंतजार कर रही है कि छोटू की हत्या की गई या उसने आत्महत्या की हैं,अगर आत्महत्या की है तो क्यों...

जैसा कि विदित हैं कि 28 मार्च को रात्रि 9 बजे शिवपुरी‎ रेलवे स्टेशन शिवपुरी से 3 किमी‎ दूर रातौर गांव के पास रेलवे ट्रैक‎ पर अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ। बाद में मृतक की शिनाख्त श्योपुर के सेसई पुरा के रामचरण‎ शर्मा के रूप में हुई। पुलिस को रामचरण का लाश दो टुकड़ों में मिली धड़ से सिर अलग था। हालात देखकर प्रतीत होता है कि युवक ने ट्रेन से ‎कटकर आत्महत्या की है।‎

रामचरण उम्र 35 साल पुत्र वीरेंद्र शर्मा‎ निवासी सेसई पुरा श्योपुर का रातौर‎ गांव के पास रेलवे पटरी पर शव‎ मिला है। जीआरपी थाना पुलिस ने‎ सोमवार रात 10:30 बजे‎ कोतवाली थाने सूचना दी। टीआई‎ सुनील खेमरिया मौके पर पहुंचे।‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎

पहले दिन मृतक की शिनाख्त नहीं‎ हो सकी। मंगलवार की सुबह‎ पुलिस ने आसपास तलाश की तो‎ बैग पड़ा मिला। दस्तावेजों से मृतक‎ की पहचान रामचरण शर्मा के रूप‎ में हुई। श्योपुर के सेसई पुरा परिजनों‎ को सूचना देकर बुला लिया।‎ पीएम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द‎ कर दिया है।‎

सबसे बड़ा सवाल: धड़ से सिर अलग फिर जीभ कैसे निकली

बताया जा रहा है कि रामचरण की लाश दो टुकड़ों में मिली थी,वही पैर की हड्डी भी 2 जगह से टूटी हुई है। अगर राम लखन अगर ट्रेन से कटता तो उसकी जीभ बाहर नही निकली होती। अमूमन देखा गया है कि अगर किसी व्यक्ति का गला दबाया जाता है जब उसकी जीभ बाहर निकलती है। लेकिन रामलखन की जीभ बहार निकली हुई थी। इस कारण ही परिजनों ने उसकी हत्या की आशंका जताई हैं,साथ ही उसके मुंह पर खरोंच के निशान मिले है। इसके अलावा जिस जगह लाश मिली हैं वह स्थान रातौर अंडर ब्रिज से लगभग 100 से 150 मीटर अधिक दूर है। जहां नॉर्मल तरीके से नही जाता हैं।

समय और मोबाईल बना रहा हैं हत्या का आधार

परिजनों ने बताया है कि राम लखन कियोस्क का काम करता था इस कारण उसका किसी एक कियोस्क सेंटर संचालक से लेनदेन था। राम लखन के दोस्त ने बताया था उसे कुछ पेमेंट भी शिवपुरी से लेना था। वही राम लखन का मोबाइल भी घटनास्थल पर नही मिलना बडे सवाल खडे कर रहा हैं।

राम लखन जैन बस से इंदौर से श्योपुर का टिकट 27 की रात्रि में ऑनलाइन बुक हुआ था। इस हिसाब से राम लखन को 28 तारीख की सुबह श्योपुर पहुंचा था,अगर वह शिवपुरी में भी उतरता तो वह सुबह 5 बजे शिवपुरी आता। परंतु उसकी लाश 28 तारीख की रात्रि 9 बजे मिली,फिर 17 घंटे राम लखन ने शिवपुरी में क्या किया और जब टिकट श्योपुर तक का बुक था तो राम लखन शिवपुरी क्यों उतारा इन सभी सवालों की खोज कोतवाली पुलिस कर रही हैं।