Shivpuri News- जंगल बचाने सहरिया क्रांति काले झंडे लेकर पहुंची वन विभाग के दफ्तरो में,हो रहा हैं अवैध उत्खनन

शिवपुरी। वन क्षेत्रों में पत्थर माफिया की खुसपैठ की सटीक सूचनाएँ होते हुए भी वन संरक्षक व वन मंडलाधिकारी दोनों कार्यवाही के नाम पर अमले को हरी झंडी नहीं दे पाए हैंं। अफसरों के वनों के प्रति गैर जिम्मेदाराना रवैये से वनों का विनाश कर पठरा खनन बदस्तूर जारी है ,जिले के डोंगरी बम्हारी के साथ मोरइ , केनवाया में भी एकाएक अवैध उत्खनन बढ़ गया है।

वनाच्छादित क्षेत्रों में चल रही खदानों के विरुद्ध अब यदि विभाग ने त्वरित कार्यवाही नहीं की तो सामाजिक आन्दोलन सहरिया क्रांति द्वारा जंगल बचाओ आन्दोलन चलाया जाएगा , जिसमे हाथों में काले झंडे लेकर आदिवासी समुदाय के वन प्रेमी लोग सड़कों पर वन विभाग के विरुद्द ज्ञापन देकर आन्दोलन का आगाज करेंगे।

शिवपुरी जिले में वन अफसरों के खुले संरक्षण में अवैध पत्थर उत्खनन का काला खेल खुलेआम दिन दहाड़े चल रहा है , बम्हारी थाना अंतर्गत आने वाले गाँव डोंगरी , झोंपड़ी में व बम्हारी में एक लीज की ओट में चूना खो , भभूका, कालापानी व बम्हारी का जंगल क्षेत्र में गाँव के ही छिछोरे किस्म के बदमाश जंगलों में मशीने लेकर उतर गए हैं जिन्होंने पांच महीने के अन्दर ही हजारों पेड़ों की बलि चड़ा दी और दिन के उजाले से रात के अँधेरे तक 24 -24 घंटे मजदूर लगाकर जंगलों में फर्सी पत्थर निकालकर खाई में तब्दील कर दिए हैंं।

वही केनवाया सहित मोराई पाठ खेदा ,अर्जुन गांव में भी वन अमला धुंआधार खनन करने वालों का संरक्षण दाता बना हुआ हैं। केनवाया के नाम पर पूरा चूना खो का जंगल खोखला कर दिया गया हैं। हर किसी को खबर है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना कर यहां जंगलों में अवैध पत्थर उत्खनन चल रहा है पर वन विभाग के अफसरों को वातानुकूलित कक्षों से बाहर निकलकर जंगलों का भ्रमण कर वास्तविक स्थिति की जानकारी लेने में तोहीन महसूस होती हैं।
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जिले में वन के विनाश पर आक्रोशित सहरिया क्रांति सदस्यों ने जंगल बचाने अति आवश्यक बैठक की जीमे तय किया गया कि जंगलों से हमारा गहरा नाता है, जंगल आदिवासियों के मित्र और सखा हैं अगर भ्रष्ट अफसर व् वन में सेंध लगाकर जंगलों का कत्ल करने वाले तत्वों को शीघ्र नहीं रोका गया तो सहरिया क्रांति काले झंडे लेकर जंगल बचाने सड़कों पर उतरेगी व वन अफसरों के विरुद्ध वन बचाने प्रदर्शन किया जायेगा।

सहरिया क्रांति संयोजक ने बताया कि वन अमला पूरी तरह से खनन करने वाले तत्वों के हाथों की कठपुतली बन गया हैं। सहरिया आदिवासियों की बर्षों से बनी टपरिया भरने में रूचि दिखाने वाले वन अमले को इतने बड़े पैमाने पर चल रहा अवैध उत्खनन नहीं दिख रहा है , सहरिया क्रांति के प्रदेशाध्यक्ष ओतार भाई सहरिया ने बताया की अब हम सहन नहीं करेंगे यदि वन क्षेत्रों से खनन नहीं रोका तो बड़ा आन्दोलन किया जाएगा,जिसकी जिम्मेदारी वन विभाग की होगी। अभी हाल ही सतनवाडा रेंज क्षेत्र में वन अमले ने कई झोंपड़ियों को भरकर अपने आपको वन प्रेमी बताया था जबकि इसी रेंज में चल रहे अवैध उत्खनन कर्ताओं के विरुद्ध अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई ये अब नहीं चलेगा।