सोम कंपनी ने खोली हनुमान मंदिर के पास शराब की दुकान: आबकारी अधिकारी बोले दुकान वैध, हनुमान मंदिर अवैध - Shivpuri News

Ex-Rey @ Lalit mudgal शिवपुरी। बड़ी खबर शहर के मध्य से आ रही हैं कि सोम कंपनी ने नियम विरूद्ध अपनी शराब की दुकान खोल ली है। यह दुकान हनुमान जी के मंदिर के निकट हैं,नियमानुसार शराब की दुकान और मंदिर की दूरी 50 मीटर कम से कम होना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हैं। इस मामले मे अधिकारी ने बड़ा बयान दिया हैं जिस मंदिर की बात आप कर रहे हैं वह वैधानिक नहीं हैं,यह बयान बडा ही विलक्षण है कि अब हनुमान जी का मंदिर वैध और अवैध कैसे हो सकते हैं। आइए शराब की दुकान वैध और मंदिर वैधानिक नहीं हैं इसका एक्सरे करते हैं।

इस खबर को हम सीधे-सीधे कम शब्दों में लिखने की कोशिश करते हैं। पहले आप दुकान का पता समझे की सोम कंपनी जो हनुमान मंदिर का पड़ोसी बनकर शराब बेच रही हैं यह कहां है इस दुकान का पता हैं गंदे नाले के पास एक्सिस बैंक वाली बिल्डिंग में यह दुकान खुल रही हैं। एक्सेस बैंक वाली बिल्डिंग जिसकी चौडाई हैं लगभग 30 फुट उसके बाद आईडीबीआई बैंक हैं इस भवन की चौड़ाई है 30 फुट उसके बाद झांसी बंदूक की दुकान जिसकी चौड़ाई 10 फुट,फिर बसंल की दुकान की चौडाई 10 फुट हैं,बंसल जी दुकान के बाद आर वन टावर हैं।

उसकी चौडाई 30 फुट हैं अगर टोटल करे 110 फुट होता हैं 10 फुट ओर बडा ली जाए तो टोटल होगा 120 फुट। अब सरकारी नियम है 50 मीटर। 50 मीटर में 165 फुट होता हैं,अब आबकारी विभाग के मीटर छोटे हो गए तो जानकारी नहीं हैं,कुल मिलाकर सोम कंपनी ने नियम विरुद्ध हनुमान मंदिर के पास दुकान खोल ली हैं विभाग अपनी अजीब दलील दे रहा है।


आबकारी अधिकारी बीएस धाकड से 50 मीटर वाले नियम की बात तो उन्होने अपने बयान में कहा कि शराब की दुकान से मंदिर की दूरी 50 मीटर से अधिक हैं और दूसरी बात यह मंदिर वैधानिक नहीं हैं,वैधानिक का मतलब भी अधिकारी महोदय ने समझाया कि हमारे यहां उसी मंदिर को मानते है जो ट्रस्ट का हो,सरकारी हो। अगर बयान पर थोडा सा गौर करे तो अधिकारी महोदय ने हनुमान जी को वैध और अवैध की श्रेणी में खडा कर दिया हैं।

हिन्दू धर्म की आस्था के अनुसार कोई भी हनुमान जी वैध और अवैध की श्रेणी मे नहीं रखे गए हैं। जिस मंदिर में किसी भी भगवान की मुर्ति होती हैं उसकी प्राण प्रतिष्ठा होती हैं। लोग उसमें दर्शन करने और मन्नत मांगने जाते हैं। और जिस हनुमान जी के मंदिर की बात कर रहे हैं वह सैकड़ों साल हनुमान जी का मंदिर हैं वह अन्नकूट भंडारे अक्सर होते रहते हैं।

अब अधिकारी महोदय को कौन समझाए कि जब हनुमान जी का जन्म हुआ था जब जन्म प्रमाण पत्र का सिस्टम नहीं था। करोडो हिन्दुओं के दिल में हनुमान जी के वैध होने का प्रमाण पत्र हैं। कुल मिलाकर सीधे सीधे शब्दों में लिखे कि जिला आबकारी अधिकारी बीएस धाकड को यह मामला संज्ञान मे है कि जिस जगह दुकान खोली हैं उसकी और मंदिर की दूरी 50 मीटर से कम हैं,लेकिन मीडिया से बचने के लिए उन्होंने ऐसा विलक्षण बयान दिया जिसे देश में आज तक किसी ने दिया हैं देश में दो तरह के हनुमान जी होते है एक वैधानिक होते है दूसरे वैधानिक नहीं होते हैं।