खबर का असर: प्राइवेट स्कूल अब किताबों की रेट लिस्ट स्कूल में चस्पा करनी होगी,किसी भी बात के लिए नहीं कर सकेंगे बाध्य - Shivpuri News

शिवपुरी। आज शिवपुरी कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने प्राइवेट स्कूलों द्धारा की जा रही पालकों के साथ लूट को लेकर आदेश जारी किया है। जिसके चलते माध्यमिक शिक्षा मण्डल,सीबीएसई और आईसीएससी के समस्त अशासकीय मान्यता प्राप्त विद्यालयों में किताबों की रेट लिस्ट चस्पा करना अनिवार्य कर दिया है। इस मामले को लेकर बडा स्कैम भोपाल समाचार सामने लाया था। उसके बाद कलेक्टर ने इस मामले में जांच की और जांच के बाद आज यह आदेश जारी किया है।

कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने जिले के मा.शि.मण्डल, सीबीएसई एवं आईसीएससी के समस्त अशासकीय मान्यता प्राप्त विद्यालय के समस्त प्रबंधक, प्राचार्य अथवा प्रधानाध्यापक को निर्देश दिए है कि अपने विद्यालय में छात्र-छात्राओं के लिए उपयोग में आने वाली पुस्तकें प्रकाशक के नाम सहित तथा प्रत्येक कक्षा में लिए जाने वाली विद्यालय शुल्क की सूची विद्यालय के सूचना पटल पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करेंगे।

शिवपुरी जिले के सभी पुस्तक विक्रेताओं को निर्देशित किया जाता है कि वे किसी भी अभिभावक को इस बात के लिए बाध्य नहीं करेंगे कि पुस्तक का पूरा सेट ही लेना पड़ेगा। अभिभावक को जितनी पुस्तकें चाहिए उसे उतनी ही दी जाए। पुस्तक के साथ कॉपी, पेन एवं कागज लेने के लिए बाध्य नहीं करेंगे।

सभी विद्यालय जिला शिक्षा अधिकारी को तीन दिवस में विद्यालय के उपयोग वाली पुस्तकों की सूची तथा कक्षावार ली जाने वाली फीस का विवरण जमा करेंगे। इस संबंध में किसी पुस्तक विक्रेता अथवा विद्यालय के संस्था प्रमुख की कोई शिकायत होती है तो संबंधित के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

इस स्कैम को भोपाल समाचार ने सबसे पहले प्रमुखता से उठाते हुए पालकों की आवाज को उठाया था। जिसमे प्रायवेट पब्लिकर्स पालकों को खुलेआम लूटते हुए प्रिंट रेट पर दूसरी पर्ची चिपकाकर पालकों को लूट रहे थे। जिसका स्टिंग आॅपरेशन कर भोपाल समाचार ने इस मुद्दे को उठाया था। यह मामला सामने आने के बाद कलेक्टर ने इन दुकानों का निरीक्षण किया। परंतु कलेक्टर के पहुंचने से पहले स्टेशनरी संचालकों ने किताबों को दूसरे गोदामों में शिप्ट करा दिया था।

इस मामले में एक दुकानदार ने खुलेआम स्वीकार किया था कि पूरा खेल कमीशन का है और यह स्कूल संचालक खुलेआम अपने कमीशन के चक्कर में अभिभाषकों की जेब पर डांका डालते है। उसके बाद इस दुकानदार को ही स्कूल संचालकों ने निशाना बनाने की तैयारी कर ली थी। परंतु अब कलेक्टर के आदेश के बाद देखना होगा कि पालकों को कितनी राहत मिल पाती है।