19 दिन बंधक बनाकर बलात्कार किया नाबलिगो का: छिंदवाड़ा से मुक्त की, बेचने की तैयारी में थे अपहरणकर्ता - Shivpuri News

शिवपुरी। चुनौतीपूर्ण अंदाज़ में अमोला थाना क्षेत्र में दो नाबालिग़ आदिवासी बच्चियों का अपहरण करके ले गए दो भाइयों को अमोला थाना पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद धार एवं छिंदवाडा जिले से गिरफ्तार कर लिया साथ ही दोनों नाबालिग आदिवासी बच्चियों को भी बरामद कर लिया है . इस मामले में ख़ास बात ये है की आरोपी पवन ओझा ने इससे पहले इन्ही में से एक नाबालिग के साथ अपहरण करके उसके साथ 19 दिन तक बलात्कार किया था।

जिस पर पुलिस ने बालिका को बरामद कर आरोपी पवन ओझा पर पाक्सो एक्ट व बलात्कार की धाराओं में प्रकरण तो दर्ज किया था लेकिन उसे गिरफ्तार करने में कोई रुचि तब नहीं दिखाई थी जिसका दुष्परिणाम ये निकला की वो चुनौती पूर्ण अंदाज में दूसरी बार भी उसी नाबालिग को व उसी की छोटी बहन को उस समय अपहरण करके मार्शल गाडी में ले गया जब वो सुबह शौच के लिए गईं थीं .सहरिया क्रांति ने इस मामले को लेकर आक्रोश जताया था।

जानकारी अनुसार अमोला थाना क्षेत्र में गत दिवस दो नाबालिग आदिवासी बालिकाओं का अपहरण उस समय हो गया था जब वे सुबह शौच के लिए एक साथ घर से गई थीं , जब वे काफी देर तक घर नहीं लौटीं तो परिजनों ने उन्हें तलाश किया मगर कहीं नहीं मिलीं तो उन्होंने 10 अप्रैल को पुलिस थाना अमोला जाकर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज़ कराई थी।

उन्होंने आरोपी का नाम भी पुलिस को लिखाया था क्योंकि कुछ समय पहले ही पवन झा ने इन्ही में से एक नाबालिग के साथ 19 दिन तक बलात्कार किया था,और पुलिस में मामला कायम होने के बाद वो खुलेआम इस परिवार को अनहोनी घटित करने की धमकी दे रहा था। पुलिस को सहरिया क्रांति सदस्यों ने भी मामले को गंभीरता से लेने की अपील की थी जिसके बाद पुलिस ने काफी खोजबीन की लेकिन एक सप्ताह तक पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली।

गत दिवस पुलिस थाना प्रभारी अमित चतुर्वेदी को मुखबिर से सूचना मिली की इनमे से एक लडकी छिंदवाड़ा है व दूसरी धार के पीथमपुर में है,सूचना मिलते ही पुलिस था प्रभारी अमित चतुर्वेदी मय दल बल के रवाना हो गए व सटीक सूचना पर एक आरोपी पवन ओझा को पीथमपुर से व् दुसरे आरोपी नीरज ओझा जो आरोपी का भाई है उसे छिंदवाड़ा से गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नाबालिग आदिवासी बच्चियों को बरामद किया।

दोनों बच्चियों ने बताया कि पवन ओझा अपने चार अन्य साथियों के साथ मार्शल गाडी से उन दोनों को हाथ और मुंह बांधकर उस समय ले गया था जब वे सोच को गई थीं .एक बालिका का कहना है कि पवन ओझा उसे बेचने की तैयारी कर रहा था उसने बंद कमरे में लगातार बलात्कार किया व एक छोटे कमरे में उसे बंधक बनाकर रखा , दूसरी नाबालिग को उसने छिंदवाड़ा अपने भाई नीरज ओझा के पास पहुंचा दिया।

आरोपी अपने और गंदे मंसूबों में कामयाब होते उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें धर दबोचा . पुलिस ने दोनों आरोपी भाइयों पवन ओझा और नीरज ओझा पर बालिकाओं के बयान के आधार पर पाक्सो एक्ट,हरिजन एक्ट व 376 की धारा बढ़ाकर न्यायालय में पेश किया जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया है।

अब फिर दे रहे हैं धमकियां

बालिकाओं के माता- पिताओं ने आज सहरिया क्रांति संयोजक संजय बेचैन को बताया की आरोपियों के पिजन राकेश ओझा व उसके साथी रात्रि को घर आये व उनको धमकी डी है की सबको ज़िंदा जला देंगे,यदि बयान नहीं बदले तो एक भी जिन्दा नहीं छोड़ेंगे . संजय बेचैन ने पुलिस अधीक्षक से अपील की है कि डरे सहमे आदिवासी परिवार को सुरक्षा प्रदान कर धमकाने वालों पर कार्यवाही करें।