आधा शहर अंधकार में है CMO साहब, शिकायतों पर भी नहीं होती कार्यवाही - Shivpuri News

शिवपुरी।
शिवपुरी शहर में थीम रोड से आने वाले नेताओं एवं अधिकारियों को जगमग शिवपुरी, स्वच्छ शिवपुरी सुंदर शिवपुरी तो नजर आती है परंतु नगरपालिका क्षेत्र की आधी से अधिक आबादी आज भी अंधेरी सड़को पर गुजरने को मजबूर है। जिसकी शिकायत कई बार नगर पालिका में करने के बाद भी स्ट्रीट लाइटों को नहीं सुधारा गया जबकि शहर की मुख्य सड़कों को ही रोशन दिखाकर अपनी छवि सुधारने नगर पालिका सीएमओ द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार शिवपुरी शहर में वैध अवैध कॉलोनियों में कई स्थानों पर नगरपालिका द्वारा कागजों में स्ट्रीट लाइट जल रही है परंतु हकीकत में लाइट जल ही नहीं रही है, कई खम्बों से तो लाइट ही गायब है, ऐसे में नगर पालिका का दावा कि सभी कॉलोनी एवं गलियों में स्ट्रीट लाइट चालू है उसको कॉलोनीवासी ही आईना दिखाते नजर आ रहे हैं, विवेकानंदपुरम में रहने वाले सुनील गुप्ता का कहना है कई बार शिकायत के बाद भी स्ट्रीट लाइट चालू नहीं की गई है, कई स्थानों पर लाइट खराब हैं अथवा लाइट ही नहीं है।

इसी तरह गोविंदपुरी ग्वालियर बायपास में रहने वाले राधेश्याम शिवहरे का कहना है कि कॉलोनी की गली में एकमात्र खंभे पर स्ट्रीट लाईट तो लगी है परंतु कई माह से बंद पड़ी है। तात्या टोपे नगर के नागरिकों द्वारा दो माह से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट के संबंध में 181, नगर पालिका वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत की साथ ही नगर पालिका सीएमओ शैलेष अवस्थी को भी व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत भेज दी गई परंतु मजाल है कि नपा कर्मियों के कान पर जूं रेंगना हो, शिकायतों के बाद भी आज दिनांक तक स्ट्रीट लाईटों को दुरुस्त नहीं कराया गया।

क्या इस तरह आएगी पहले दस शहरों में शिवपुरी

राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण के रिपोर्ट कार्ड में शिवपुरी को 94 वां स्थान मिला तो अधिकारी कर्मचारी एवं स्थानीय नेताओं में थोडी हलचल हुई, यहां तक कि स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से शहर की जनता से अपील भी की है परंतु स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रमुख दस शहरों में शामिल होने के लिए जनता का सहयोग भी अति आवश्यक होता है जो कि नगरपालिका कर्मचारियों एवं अधिकारियों कार्यशैली के चलते मिलना असंभव सा प्रतीत हो जाता है। जब तक आम जनता की समस्याओं का तत्काल निराकरण नहीं किया जायेगा तो जनता कैसे अपना सहयोग प्रदान करेगी।