बड़ी खबर:​आदिम जाति के जिला संयोजक और बाबू 80 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

शिवपुरी। खबर रिश्वत से भरी हुई हैं कि आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक और ऑफिस का बाबू अपने ही विभाग के छात्रावास के अधीक्षक से 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया हैं। बताया जा रहा है कि छात्रावास के लिए जारी शिष्यावृती की रकम से 20 प्रतिशत की डिमांड की जा रही थी। इससे पूर्व इस विभाग में 10 प्रतिशत की रिश्वत की प्रथा थी।

जानकारी के अनुसार शासकीय अनुसूचित जाति जनजाति पोहरी छात्रावास के लिए जारी शिष्यावृती के 4 लाख रुपए के बजट को जारी करने के लिए 20 प्रतिशत की मांग की थी। साथ में 20 हजार रुपए अतिरिक्त भी मांगे जा रहे थे। कुल मिलाकर 1 लाख रुपए की मांग की थी। छात्रावास अधीक्षक हेमराज सहरिया ने बताया कि इससे पूर्व इस बजट को जारी करने के लिए 10 प्रतिशत की रिश्वत देने की परंपरा थी लेकिन अब रिश्वत दुगनी मांगी जा रही थी।

अधीक्षक का कहना था कि शिष्यावृती की राशि छात्रावास के बच्चों के खाने पीने और अन्य सुविधाओं पर खर्च होती है। शासन के द्वारा 1380 रुपए का खर्च प्रति बच्चा आता हैं। अब जब 20 प्रतिशत की राशि रिश्वत मे चली जाती तो बच्चे को क्या खिलाता। इस कारण मैंने इस इस मामले की शिकायत 9 मार्च को ग्वालियर जाकर लोकायुक्त पुलिस में जाकर दी।

लोकायुक्त पुलिस ने मेरी शिकायत का आवेदन लेते हुए एक रिर्काडर दिया और एक आरक्षक को मेरे साथ भेजा। मैने फिर इस रिश्वत की रकम का कम करने की बात आफिस के बाबू अवधेश शर्मा से की लेकिन वह नहीं माने। इस बातचीत की रिकॉर्डिंग की गई। बताया जा रहा हैं कि आज तयशुदा समय पर रिश्वत की रकम 80 हजार की रकम लेकर छात्रावास अधीक्षक हेमराज सहरिया अपने विभाग के शिवपुरी ऑफिस पहुंचा और बाबू अवधेश के पास जाकर यह रकम दी। उस समय विभाग के संयोजक राजेश परिहार भी बैठे हुए थे।

जैसे ही रिश्वत के पैसे बाबू अवधेश शर्मा ने अपने हाथो में लिए वैसे ही लोकायुक्त पुलिस ने बाबू को रंगे हाथो पकड लिया और हाथ धुलाए गए तो हाथो से कलर निकलने लगा। लोकायुक्त पुलिस ने कहा कि रिश्वत का उक्त मामला संयोजक और बाबू दोनों पर ही दर्ज किया है।