अर्जुन ने किया अर्जुन मर्डर: अवैध संबंध थे मृतक की पत्नी से हत्यारे के, 36 घंटे में मामला ट्रेस- karera News

करैरा। करैरा थाना करैरा के ग्राम गणेश खेड़ा में शुक्रवार हुई हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। महज 36 घंटे में पुलिस ने आरोपितों को पकड़कर पूरे मामले का खुलासा किया है। इसमें सामने आया है कि युवक को उसके ही दोस्त ने अपने दाे साथियों की मदद से मारा था। मामला प्रेम प्रसंग और अवैध संबंधों का था जिसके चलते यह हत्या की गई थी।

हत्या के पहले आरोपितों और मृतक ने शराब पार्टी की थी। यहां अजीब संयोग की बात यह भी है कि मृतक और मुख्य आरोपित दोनों ही का नाम अर्जुन कुशवाह है और दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं।

पुलिस के अनुसार फरियादी सिद्धार्थ कुशवाह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मेरा भाई अर्जुन सिंह कुशवाह 24 मार्च शाम 8 बजे घर से चला गया था। अगले दिन सुबह 9 बजे सूचना मिली कि मेरा भाई अर्जुन कुशवाह कंजर डेरा पहाड़ियों मे मृत पड़ा है। अर्जुन की तौलिए से गला दबाकर हत्या करने की बात प्रारंभिक जांच में सामने आई थी। जहां शव मिला वहां पर पुलिस को उसे घसीटने के निशान मिले थे और शराब की बोतल व डिस्पोजल गिलास भी मिले थे।

क्राइम सीन से थ्योरी बनी कि आरोपित और मृतक दोस्त होंगे और पहले शराब पार्टी की होगी। शराब के नशे में हत्या की गई होगी। पुलिस ने साइबर टीम की मदद भी ली। इसके बाद मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया तो संदेही मिल गए। इसके बाद पुलिस ने आरोपित अर्जुन कुशवाह निवासी गणेश खेड़ा से सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि मृतक का उसकी पत्नी के साथ प्रेम प्रसंग था।

इसी शंका के कारण अपने दोस्त सचिन कुशवाह निवासी गणेशखेडा व साले अशोक कुशवाह निवासी ग्राम उकायला (बाबा जी का पुरा) की मदद से मृतक अर्जुन कुशवाह पुत्र सोहन सिंह कुशवाह उम्र-25 साल निवासी गणेशखेडा को शराब पीने व पार्टी करने की कहकर घर से ले गये। कंजर बस्ती के पास पहले उसे शराब पिलाई और फिर गला घोंट कर मार दिया। शव को आरोपित ग्राम छिरारी बांसगढ़ रोङ के पास बने वन विभाग की बाउंड्री हेतु खोदी गयी नींव के गड्डे में फेंक कर आ गए थे।

इनकी रही सराहनीय भूमिका
मामले की गंभीरता को देखते हुये पुलिस अधीक्षक राजेश चंदेल के द्वारा अधीनस्थ अधिकारियों से प्रकरण के अज्ञात आरोपितों पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। इसके बाद एएसपी प्रवीण भूरिया के निर्देशन में एसडीओपी करैरा जीडी शर्मा ने टीम बनाई और मामले को सुलझाने में जुट गए। कार्रवाई में थाना प्रभारी करैरा सतीश चौहान, उनि दीपक शर्मा, उनि कुलदीप सिंह, उनि विजय खत्री, आरक्षकगण सोनू पांडे, ओमप्रकाश रावत, देवेश तोमर, राघवेंद्र, लोकेंद्र सेंगर, मोहन पाल, सायबर सेल प्र.आर. देवेंद्र सेन व डायल 100 के चालक रविन्द्र वंशकार की सराहनीय भूमिका रही।