बैंक घोटाले में फरार आरोपी राकेश पराशर की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त:हाईकोर्ट ने यह कहा- Shivpuri News

शिवपुरी। केंद्रीय सहकारी बैंक (सीसीबी) शाखा कोलारस से 80.52 करोड़ के गबन मामले में फरार चपरासी (प्रभारी कैशियर) राकेश पराशर की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट ग्वालियर ने निरस्त कर दी है। राकेश पाराशर द्वारा वकील के माध्यम से बैंक गबन प्रकरण में सद्भावना (गुठफेद) के आधार पर अग्रिम जमानत लेने की कोशिश की थी। खास बात यह रही कि हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार के संदर्भ में कानून की धारा 51 के तहत सद्भावना (गुडफेद) की परिभाषा को समझाकर प्रभारी कैशियर राकेश पाराशर की अग्रिम जमानत निरस्त कर दी है।

प्रभारी कैशियर राकेश पाराशर के खिलाफ प्रारंभिक एफआईआर 5.31 करोड़ के गबन के संदर्भ में अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। बैंक अधिकारियों के विश्वास में आकर उनके कहने पर गबन होने का हवाला देकर जमानत लेने की कोशिश की। लेकिन हाईकोर्ट सद्भावना की असली परिभाषा समझाकर अग्रिम जमानत खारिज कर दी।

बता दें कि प्रारंभिक एफआईआर के बाद संपूर्ण जांच रिपोर्ट काफी समय बाद जारी हुई। जांच रिपोर्ट में अनुमानित गबन बढ़कर 80.52 करोड़ रुपए पहुंच गया। इसे लेकर फिर से कोलारस थाने में आवेदन दिया है। कोलारस थाना पुलिस द्वारा मामले की विवेचना में कितने और लोगों के नाम एफआईआर में जोड़े हैं, यह अभी तक स्पष्ट नहीं किया है। आगे की कार्रवाई में अब पुलिस भूमिका पर लोगों की निगाह है।