शिवपुरी में मानव तस्करी: झारखंड की 5 युवतियां शिवपुरी में बेची गई, पुलिस को दिया आवेदन- Shivpuri News

शिवपुरी। शिवपुरी में मानव तस्करी के मामले सामने आते रहते हैं। खासकर युवतियों के मामले। कोतवाली पुलिस को झारखंड से गायब 5 युवतियो का शिवपुरी में होने के संदेह में एक आवेदन भी सौंपा है। पांचो युवतिया झारखंड के एक आश्रम से गायब है। शिकायतकर्ता का कहना है कि पुलिस इस मामले में शिकायतकर्ता की कोई सुनवाई नही कर रही है।

जानकारी के अनुसार वनवासी कल्याण आश्रम अंडमान निकोबार के सामाजिक कार्यकर्ता गुरुचरण मुंडा ने पुलिस को एक आवेदन दिया है। इस आवेदन के अनुसार गुडाबौदा तहसील के ग्राम हतियापाटा की 4 लड़कियों एंव ग्राम पहाड़पुर की 1 लडकी को काम रोजगार दिलाने की बात कहकर राजू व एक महिला बीते 8 नबंवर 2021 को शिवपुरी ले आए।

इनमें सरथी उम्र 26 साल पुत्री अमूल्य मुंडा,सुमित्रा उम्र 21 साल पुत्री उपेन्द्र सबर,पदेन उम्र 18 साल पुत्री मिट्टी सबर,सुकरू उम्र 20 साल पुत्री समाय सबर और सुगी उम्र 16 साल पुत्री कृष्ण सबर हैं। इन सब के साथ युवती सारथी मुंडा का भाई बालेश्वर भी इनके साथ आया था।  इन सभी को 12 नवंबर 2021 को शिवपुरी बस स्टैंड पोहरी रोड पास स्थित गोपाल लॉज में 16 नवंबर तक रोका गया था।

सारथी ने दी फोन पर सूचना

लापता लड़कियों में शामिल सारथी मुंडा ने मोबाइल लगाकर बताया था कि हम सभी युवतियों को अलग अलग जगह पर बेच दिया गया है। उसने अपनी लोकेशन झांसी के पास किसी गांव में बताई थी।

बडौदी में बेची गई कुछ युवतियां

सारथी का भाई बालेश्वर मुंडा अभी गुरूचरण के साथ हैं तथा उसके द्धवारा बताए अनुसार उक्त लोग बीते 23 दिसंबर  को बडौंदी के एक घर में पहुंचे जहां रहने वाले एक परिहार युव को बालेश्वर पहचान  गया। उस समय वो लडका व एक दो लडकी उसके बडौदी वाले घर पर थी। गुरूचरण सहित अन्य लोगो ने जब मौके पर पहुंचकर पुलिस को सूचना दी तो पुलिस देर से पहुंची और वे लोग घर से भाग गए।

गुरुचरण बोला:टाल रही हैं पुलिस

बनवासी कल्याण आश्रम के समाजिक कार्यकर्ता गुरूचरण मुंडा ने बताया कि हम 31 दिसबंर को कोतवाली गए थे,तब यह कहकर चलता कर दिया कि आज साल का अखिरी दिन हैं इस कारण काम बहुत हैं। हम सोमवार को फिर कोतवाली गए फिर कह दिया गया कि टीआई साहब नही है। गुरुचरण का कहना है कि हम लड़कियों को मुक्त कराकर ही वापस जाऐगें।

शादी के नाम पर सेल की जाती हैं यहां युवतियां

आम तोर पर देखा गया है कि शिवपुरी ओर आस पास के क्षेत्रों मेंं बिहार उडीसी झारखंड की युवतियो का शादी के नाम पर बेचा जाता है। सैकड़ों युवतियां जिले के कई परिवारो में रह रही हैं। कुछ युवतियो के परिजन भी इसमें शामिल रहते है। कई घरो में उनकी विधिवत शादी कराई गई हैं। कई मामलों में दलाल अपनी बातो में फसाकर युवती को लेकर आते है और उन्है बिना बताए बेच जाते हैं। कुल मिलाकर यह मानव तस्करी धंधा शिवपुरी में सालों से फलफूल रहा हैं।