शिवराज मामा देखो अपनी बहनो ओर भांजे भाजिंयो को अपना पैसा लेने कडकडाती ठंड में अधिकारी की गाडी के आगे बैठना पडा- Shivpuri News

शिवपुरी। यह तस्वीर भाजपा के सुशासन का आईना दर्शाताी हैं,अपने शासन को सुशासन कहने वाली भाजपा के शासन में महिलाओ को अपने बच्चो के साथ जिला पंचायत सीईओ की गाडी के सामने बैठना पडा,महिलाएं दिन भर बैठी रही और देर रात तक सीईओ की गाडी के सामने बैठी रही।

फिर भी उनका काम नही हुआ हैं बल्कि वही सरकारी रटा रटाया बयान कि इस मामले का दिखवा लेते हैं। तत्काल काम फिर भी नही हुआ। वही प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह ने महिलाओ को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शिवपुरी में एक कार्यक्रम भी किया था अब इस कार्यक्रम के रिजल्ट भी सबके सामने आ गए हैं।

जानकारी के अनुसार शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक विद्यालय चंदावनी पर दो साल से मध्यान्ह भोजन बांटने वाले समूह को एक रुपए का भुगतान भी शासन-प्रशासन द्वारा नहीं किया गया। बिना भुगतान के समूह अपनी जेब से मध्यान्ह भोजन बांटता रहा। इसके लिए उस पर रसोईए के साथ-साथ अन्य लोगों का भी कर्जा चढ़ गया। जब कहीं से कोई सुनवाई नहीं हुई तो सोमवार की शाम को समूह की महिलाओं ने अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ जिला मुख्यालय पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी एचपी वर्मा के कार्यालय पर खड़े वाहन को घेर लिया।

वाहन के आगे बैठकर समूह की महिलाओं ने कहा कि बिना भुगतान के हम साहब को जाने नहीं देंगे। बल पूर्वक वह हमें गाड़ी से कुचलकर जा सकते हैं। समूह की अध्यक्ष कुसमा एवं अन्य महिलाओं ने बताया कि दो साल पहले हमारे समूह को मध्यान्ह भोजन बांटने का कार्यादेश मिला था। इसके पालन में दो साल तक मध्यान्ह भोजन बांटा गया। जब भुगतान नहीं हुआ तो रसोईया रसोई में ताला लगाकर चला गया।

इस स्थिति में हमारे पास कोई रास्ता नहीं बचा। मजबूर होकर हम शिवपुरी मुख्य कार्यपालन अधिकारी के कार्यालय में आए हैं और जब तक हमारा बचत खाता पोर्टल पर दर्ज नहीं हो जाता और हमारे खाते में रुपये नहीं आ जाते तब तक हम यहां से नहीं हटेंगे।

उल्लेखनीय है कि पहले जो समूह मध्यान्ह भोजन बांटता था वह अपना काम जाने से खफा होकर हाईकोर्ट चला गया। हाईकोर्ट ने आदेश दिया तो तत्कालीन एसडीएम ने उसके पालन में कोई तत्परता नहीं दिखाई, तत्पश्चात मुख्य कार्यपालन अधिकारी को एसडीएम के लिए एक पत्र क्रमांक 1480 दिनांक 25.4.19 लिखना पड़ा। फिर दूसरा पत्र क्रमांक 2091 दिनांक 11.6.19 फिर इसके बाद तीसरा पत्र क्रमांक 2895 दिनांक 2.7.19 लिखना पड़ा।

देर शाम ठंड से कंपकपाते रहे, अधिकारी वीसी में व्यस्त रहे

महिला अपने बच्चों के साथ ठिठुरती रही। छोटे बच्चों के पास कंबल भी नहीं था। ठंड से बचने के लिए कुछ था तो सिर्फ एक स्वेटर। खबर लिखे जाने तक महिलाएं सीईओ की गाड़ी के आगे ही बैठी थी। महिलाओं का कहना था कि अब तो वापस जाने साधन भी नहीं मिलेगा इसलिए पूरी रात ही यहां क्यों न काटना पड़े, लेकिन भुगतान के बिना नहीं उठेंगे। एक ओर परिवार ठंड में जमीन पर बैठा था तो सभी अधिकारी खुद को वीसी में व्यस्त बताते रहे।

दो साल पहले कार्यादेश, पोर्टल पर आज भी बचत खाता दर्ज नहीं

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान महिलाओं को आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर बनाने के लिए समूहों को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन नौकरशाही मुख्यमंत्री की मंशा को बड़ा पलीता लगा रही है। चंदावनी में समूह चलाने वाली जिन महिलाओं ने सीईओ कार्यालय में वाहन का घेराव किया है उस मामले में बड़ी विसंगति यह है कि समूह को दो साल पहले मध्यान्ह भोजन बांटने का कार्यादेश तो दे दिया लेकिन दो साल बाद भी रसोईए का बचत खाता एमडीएम पोर्टल पर दर्ज नहीं किया गया। इसकी वजह से एक रुपये का भी भुगतान समूह को नहीं हो पाया।

इनका कहना है
मध्यान्ह भोजन का काम स्थानीय स्तर पर पिछोर एसडीएम देखते हैं। उन्हें देखना चाहिए था कि बात यहां तक कैसे पहुंची। अब एसडीएम को निर्देश दे दिए हैं कि जल्द से जल्द कार्रवाई करें।
एचपी वर्मा, सीईओ, जिला पंचायत