आदिवासी बंधुआ मजदूरी से छूटकर भागा तो दंबग मालिक बच्चे सहित रिश्तेदार को उठा ले गए- Shivpuri News

शिवपुरी। कोतवाली थाना क्षेत्र में आने वाले ठकुरपुरा में बंधुआ मजदूरी और अपहरण का मामला सामने आया है। ठकुरपुरा के एक आदिवासी परिवार को ग्वालियर के दबंगों ने मजदूरी के बदले खेत और गाय देने का लालच देकर बंधुआ मजदूर बना लिया। जब वह किसी तरह वहां से निकल आया तो दंबग पीछे-पीछे उसके घर तक आ गए और 6 साल के बच्चे सहित एक को अपहृत कर ले गए। इस मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने कायमी की है।

फरियादी सुंदर आदिवासी पुत्र गरीवा आदिवासी निवासी ठकुरपुरा ने बताया कि वह 15 साल से ग्वालियर के कुलेथ गांव मे खेतों पर बंधुआ मजदूरी करा रहे दीना पंडित के चंगुल से बचकर भाग आया था। रविवार को दीना पंडित अपने 8-10 साथियों के साथ आया और मेरे 6 वर्षिय बेटे अनिल आदिवासी व बहनोई सूरज आदिवासी का अपहरण कर ले गया।

सुंदर ने बताया कि वह 15 साल पहले खंडा की खदान फोडने मजदूरी करने अपनी पत्नी आदिवासी व पुत्र दीपू उम्र 5 साल एवं कल्लो उम्र 6 माह के साथ गया था। एक बार दीपू की तबीयत खराब हो गई थी और क्लीनिक पर उसे गांव का ही दीना पंडित पुत्र गय प्रसाद मिला। दीना पंडित ने उससे कहा कि अगर तू मेरे खेत पर काम करेगा तो तुझे 2 बीघा जमीन और एक गाय दूंगा। साथ ही हर साल की मजदूरी 60 हजार रुपये मिलेगी। इसके बाद सुंदर अपने परिवार के साथ दीना के खेत पर ही रहने लगा।

जब रुपये और वादे के अनुसार जमीन देने की बात आई तो दीना पलट गया और सुंदर के परिवार को बंधुआ मजदूर बना लिया। वह 15 साल तक उनसे मजदूरी कराता रहा। सुंदर ने बताया कि कुछ दिन पहले ही बचकर वापस आए थे। जब हम पति पत्नी वेलदारी करने गए थे तब सफेद बोलेरो से दीना पंडित, उसका भाई पप्पू और 8-10 लोग घर आए और घर में मिले बेटे और बहनोई का उठाकर ले गए।

सहरिया क्रांति ने की मदद सुंदर ने बताया कि जब वेलदारी से लौटे तो घटना की जानकारी मिली। इसके बाद सहरिया क्रांति के संयोजक संजय बैचेन के घर पहुंचे और मदद मांगी। इसके बाद उनकी सलाह पर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने गया। संजय बैचेन ने कहा कि पिछले कई सालों से आदिवासी और सहरिया परिवारों को बंधुआ मजदूर बनाया जा रहा है।

जब इस मामले की जानकारी मिली तो पुलिस अधीक्षक से चर्चा कर उनके संज्ञान में मामला लाया गया। पुलिस ने दीना पंडित सहित आरोपितों के खिलाफ 363,365 भादवि ,बंधित श्रम पद्धति ( उन्मूलन ) अधिनियम 1976 की धारा 16, 17, 18 एवं 3(2), एससीएसटी एक्ट का मामला दर्ज कर लिया है।