शिवपुरी। लोक अदालत के दौरान बिजली कम्पनी के सहायक यंत्री रणजीत सिंह भदौरिया की पिटाई के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बिजली कर्मचारी लामबंद हो गए हैं। उन्होंने दो दिन पहले प्रशासन और पुलिस को ज्ञापन सौंपकर नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था।
अल्टीमेटम की अवधि समाप्त होने के बाद बिजली कर्मचारियों ने आज से जिले के दफ्तरों पर ताले जड़ दिए हैं और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इस मामले में पुलिस ने दो नामजद मोहित ठाकुर और देवेंद्र उर्फ सोनू ओझा को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों ही अभिभाषक हैं।
लेकिन बिजली कर्मचारी सिर्फ दो अभियुक्तों की गिरफ्तारी से संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि जब तक पांचों नामजद आरोपी गिरफ्तार नहीं हो जाते वे हड़ताल पर रहेंगे। बिजली कर्मचारियों ने यह भी धमकी दी है कि यदि बुधवार 15 दिसंबर तक सभी पांचों आरोपी गिरफ्तार नहीं होते तो पूरे प्रदेश में हड़ताल कर दी जाएगी।
बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी बुधवार सुबह से हड़ताल पर चले गए हैं। वे कार्यालय के बाहर खड़े हुए हैं और हाथों में उन्होंने चेतावनी लिख रखी है कि जब तक मारपीट करने वाले सभी नामजद आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर उन्हें जेल नहीं भेजेगी तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
हड़ताल पर गए कर्मचारियों ने बताया कि इस दौरान यदि कोई फॉल्ट हुआ तो वे उसे ठीक नहीं करेंगे। कम्पनी के सभी दफ्तरों पर ताले जड़ दिए गए हैं और अधिकारी तथा कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।
पुलिस और न्यायपालिका पर बिजलीकर्मियों का नहीं है विश्वास : अध्यक्ष बार एसोसिएशन
अभिभाषक संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र समाधिया ने बिजली कर्मचारियों द्वारा हड़ताल किए जाने को गलत बताते हुए कहा कि जब प्रशासन और पुलिस एई भदौरिया के मामले में जांच कर रही है, तब ऐसी स्थिति में हड़ताल किए जाना पुलिस और न्यायपालिका पर दबाव बनाने का बिजलीकर्मियों का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि एई भदौरिया अभिभाषकों को झूठा फंसाने का प्रयास कर रहे हैं। वीडियो फुटेज के आधार पर उन्होंने अभिभाषकों के नाम लिखाएं हैं। जबकि लोक अदालत में तो अभिभाषकों की उपस्थिति रहती ही है और वीडियो में अभिभाषकों के दिखने से यह कैसे कहा जा सकता है कि उन्होंने एई भदौरिया की पिटाई की है।
दो अभिभाषकों की नहीं हुई गिरफ्तारी, दिया गया है नोटिस : अध्यक्ष समाधिया
अभिभाषक संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र समाधिया ने दो अभिभाषकों मोहित ठाकुर और देवेंद्र उर्फ सोनू ओझा को गिरफ्तार किए जाने की बात को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि दोनों अभिभाषकों को सिर्फ नोटिस देकर पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के एक निर्णय का हवाला देते हुए श्री समाधिया ने कहा कि जिस मामले में 7 साल से कम की सजा होती है, उसमें अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं की जाती है और एई भदौरिया की पिटाई का मामला भी ऐसा ही है। उन्होंने यह भी कहा कि अभिभाषक हेमंत कटारे का नाम एई भदौरिया ने गलत लिखाया है, जो व्यक्ति वीडियो में दिखाई दे रहा है, वह अभिभाषक कटारे है ही नहीं।
यह था पूरा मामला
11 दिसंबर को लोक अदालत के दौरान बिजली विभाग के काउंटर पर अभिभाषक हेमंत कटारे और बिजली कर्मचारी के सुरक्षागार्ड के बीच हुए विवाद के बाद बिजली विभाग का काउंटर बंद कर दिया गया था। उसी दौरान लोक अदालत से लौटकर जब सहायक यंत्री रणजीत सिंह भदौरिया काउंटर पर पहुंचे और उन्होंने वहां बैठकर काम शुरू किया तभी कुछ लोगों ने घेरकर उनकी मारपीट शुरू कर दी। इस मामले में श्री भदौरिया ने 8-10 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भादवि की धारा 353, 323, 186, 147 और 34 के तहत मामला दर्ज कराया था।
बाद में इनमें से चार आरोपियों मोहित ठाकुर, प्रवीण त्रिपाठी, आनंद दीक्षित, देवेंद्र उर्फ सोनू ओझा की पहचान कर उनके नाम एफआईआर में शामिल किए जाने की बिजली कर्मचारियों ने ज्ञापन देकर मांग की थी। लेकिन बाद में बिजली कर्मचारियों ने अभिभाषक हेमंत कटारे का नाम भी लिखाया।
इनका कहना है-
एई भदौरिया की मारपीट के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बिजली कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं। जिसका ज्ञापन उन्होंने एसपी के साथ-साथ मुझे भी दिया था, मैंने भी उन्हें आश्वस्त किया था कि पुलिस जांच कर ही है। जो भी उचित कार्रवाई होगी वह पुलिस करेगी तथा आरोपियों की गिरफ्तारी हो जाएगी। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि अभिभाषक इसे गिरफ्तारी नहीं बता रहे और उनका कहना है कि दोनों अभिभाषकों को नोटिस दिए गए हैं। पुलिस शेष तीन आरोपियों को नोटिस देकर चालान पेश कर दे तो बिजली कर्मचारी हड़ताल खत्म कर देंगे।
पीआर पाराशर, एसई बिजली विभाग
एई भदौरिया की मारपीट के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली है। इस मामले में अभिभाषकों और बिजली कर्मचारी दोनों ने अपना-अपना पक्ष रखा है। पुलिस पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच कर रही है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसकी गिरफ्तारी की जाएगी। दोनों पक्षों को धैर्य से काम लेना चाहिए। जिससे जनता को परेशानी का सामना न करना पड़े।
राजेश सिंह चंदेल, एसपी शिवपुरी

