माधव नेशनल पार्क:टाइगर आने की आहट में पार्क में हुई यह घटना सही नही है- Shivpuri News

शिपवुरी। माधव नेशनल पार्क से लगातार खबरे आ रही है। पार्क में टाइगर आने की आहट सुरक्षा व्यवस्था और सीमा विस्तार की लगातर खबरे आ रही हैं। सभी खबरे शिवपुरी के पर्यटन में चार चांद लगाने वाली हैं लेकिन पार्क में टाइगर आने की आहट में 9 दिसबंर की रात में हुई घटना सही नही है।

यह घटना आने वाले पार्क में आने वाले टाइगरो की सुरक्षा व्यवस्था में सैंध हैं। दो चार आसमाजिक तत्वो के द्धवारा किया जाना वाला यह कृत्य शिवपुरी के नए पर्यटक प्लान को चौपट कर सकता है। बताया जा रहा है कि 9 दिसंबर की रात माधव नेशनल पार्क में अज्ञात बदमाशों ने रात में ‎नेशनल पार्क के अंदर सेंधमारी कर दी। पार्क के‎ अंदर घुसने पर यह बदमाश सेंसर लगे कैमरों के‎ रेंज में आते ही फ्लैश के साथ कैप्चर हो गए‎ लेकिन बदमाशों ने चार कैमरे तोड़कर फेंक दिए।‎

इसे लेकर पार्क प्रबंधन ने देहात थाने में‎ एफआईआर दर्ज कराने के लिए लिखित‎ शिकायत की है। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज‎ के आधार पर बदमाशों को ढूंढकर गिरफ्तार‎ करेगी।‎ बाघ पुनर्वास को लेकर नेशनल पार्क प्रबंधन‎ ने सुरक्षा पहले से ज्यादा बढ़ा दी है। पार्क में ‎ ‎ जगह-जगह सेंसरयुक्त 45 हाईटेक कैमरे लगाए‎ गए हैं। अलग-अलग स्थानों पर वन्य प्राणियों की ‎ ‎चौकसी और असामाजिक तत्वाें की सेंधमारी‎ रोकने के लिए लगाए कैमराें में कुछ बदमाशाें के‎ फुटेज आए हैं।

अज्ञात बदमाशों ने शाम ढलने के‎ बाद अंधेरा छाते ही पार्क में सेंध लगाई और‎ अंदर घुस गए लेकिन दो जगह यह बदमाश‎ कैमरों की जद में आ गए। कैमरों के आगे पड़ते‎ ही सेंसर की वजह से फ्लैश लाइट के साथ‎ बदमाश कैप्चर हो गए। यह देख बदमाशों ने‎ आनन फानन में चारों कैमरे तोड़ दिए लेकिन‎ बदमाशों की यह करतूत भी दूसरे कैमरों में कैद‎ हो गई। फुटेज में चेहरे दिखाई दे रहे हैं और इसी‎ के आधार पर बदमाश आसानी से पकड़े जा‎ सकेंगे।‎

कैमरों से फायदा, पार्क‎ प्रबंधन भी पहले से‎ अधिक अलर्ट‎

सीएफ अनिल सोनी ने बताया‎ कि माधव नेशनल पार्क में बाघों‎ को बसाने के लिए लाखों रुपए‎ खर्च करके कैमरे लगाए हैं।‎ कैमरे लगने से पार्क प्रबंधन को‎ चौकसी में फायदा होने लगा है।‎ अनाधिकृत रूप से प्रवेश करने‎ वालों का कैमरों की नजर से‎ बचना मुश्किल रहेगा। कैमरे‎ नहीं होने से पहले बदमाशों का‎ पता नहीं चल पाता था। वहीं‎ बाघों को लेकर पार्क प्रबंधन‎ पहले से अधिक अलर्ट है।‎ वही पार्क प्रबंधन ने इन लोगो की सूचना देने पर 10 हजार का ईनाम भी घोषित कर दिया है।

मझेरा क्षेत्र: 9 दिसंबर की रात‎ 9:21 बजे असामाजिक तत्व‎ कैमरे के आगे निकलते नजर‎ आ रहे हैं। निकलते वक्त‎ कैमरे में कैप्चर हो गए। चेहरे‎ भी स्पष्ट नजर आ रहे हैं।‎ अगले दिन 10 दिसंबर को‎ मॉनिटरिंग की गई तो कैमरे‎ टूटने का पता चला।‎ ‎

2. भगाेरा क्षेत्र: 12 दिसंबर की‎ शाम 6:01 बजे असामाजिक‎ तत्व कैमरे में कैप्चर हुए हैं।‎ बदमाशों ने दोनों साइड में लगे‎ कैमरे तोड़ दिए। सोमवार को दिन‎ में पार्क टीम को कैमरे टूटे मिले।‎ दोनों दिन की घटना काे लेकर‎ देहात थाने में केस दर्ज कराने‎ आवेदन दिया गया है।‎