बेराजगार मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के माध्यम से कैसे स्वयं का उद्योग स्थापित कर सकते है, पढें पूरी जानकारी - Shivpuri News

शिवपुरी। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग द्वारा प्रदेश के युवाओं के लिये स्वयं का उद्योग, सेवा या व्यवसाय स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना को प्रारंभ किया गया है। इस योजना के माध्यम से बेरोजगार युवा अपना स्वयं का उद्योग स्थापित कर सकते है।

योजना का लाभ केवल नवीन उद्यमों की स्थापना हेतु देय होगा। इस योजना के प्रावधान सभी वर्गों के आवेदकों के लिये समान रहेंगे। मुख्यमंत्री उद्यम क्रान्ति योजनान्तर्गत परियोजना सीमा में उद्योग इकाई के लिये राशि रुपये 1 लाख से 50 लाख तक की परियोजनाएं, सेवा इकाई एवं खुदरा व्यवसाय हेतु रुपये 1 लाख से 25 लाख तक की परियोजनाएं रहेगी।

योजना हेतु 18 वर्ष से 40 वर्ष आयु के व्यक्ति पात्र होंगे। शैक्षणिक योग्यता में न्यूनतम 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से अधिक न हो। यदि आवेदक का परिवार आयकरदाता है तो उसकी पिछले तीन वर्षों की आयकर विवरणियां आवेदन के साथ संलग्न करेगा। आवेदक स्वयं किसी बैंक अथवा किसी वित्तीय संस्था जैसे एमएफआई, एनबीएमसी, एसएफबी, पीएसीएस आदि का डिफाल्टर न हो।

आवेदक वर्तमान में राज्य अथवा केन्द्र सरकार की किसी अन्य स्वरोजगार योजना का हितग्राही न हो। योजनान्तर्गत सभी वर्ग के हितग्राहियों को बैंक द्वारा वितरित/शेष ऋण 3 प्रतिशत की दर से ब्याज अनुदान, अधिकतम 7 वर्षों तक (मोरेटोरियम अवधि सहित) दिया जायेगा।जिस अवधि के दौरान हितग्राही का ऋण खाता एनपीए बना रहता है, उस अवधि के लिए कोई ब्याज अनुदान स्वीकार्य नहीं होगा। ब्याज अनुदान की राशि प्रतिपूर्ति के रूप में वार्षिक आधार पर प्रदान की जायेगी।

योजनान्तर्गत प्रशिक्षण के इच्छुक हितग्राही 12 दिवसीय उद्यमिता विकास प्रशिक्षण ऑनलाइन ट्रेनिंग मॉड्यूल के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे। उद्योग (विनिर्माण), सेवा एवं व्यवसाय क्षेत्र की समस्त परियोजनायें जो सीजीटीएमएसई अन्तर्गत बैंक ऋण गारंटी के लिए पात्र हैं। पात्र बैंकों में पब्लिक/प्राइवेट सेक्टर बैंक अथवा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक जो सीजीटीएमएसई में पंजीकृत एमएलआई है। इस योजना का क्रियान्वयन सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग द्वारा किया जायेगा।

पूर्व संचालित मुख्यमंत्री स्वरोजगार/युवा उद्यमी /कृषक उद्यमी योजनाओं में 7 वर्षों तक व्याज अनुदान तथा ऋण गारंटी शुल्क अनुदान का प्रावधान होने के कारण इन पूर्ववर्ती योजनाओं के हितग्राहियों को इसका लाभ यथावत पूर्व प्रावधानों के अनुसार प्राप्त होता रहेगा।