शिवपुरी। राज्य सूचना आयुक्त ने शिवपुरी के सेवानिवृत मत्स्य अधिकारी महेंद्र कुमार दुबे को उनके द्वारा आरटीआई के तहत जानकारी मांगने पर जानकारी उपलब्ध न कराने के आरोप में तीन मत्स्य अधिकारियों पर कुल मिलाकर 67 हजार रूपए जुर्माना लगाया है। इनमें से दो मत्स्य अधिकारी दतिया और एक हरदा में वर्तमान में पदस्थ हैं।
राज्य सूचना आयुक्त ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20(1) के तहत तत्कालीन लोक सूचना अधिकारी एवं सहायक मत्स्य अधिकारी नितिन वर्मा और सहायक संचालक मत्स्य दतिया अनिल अवस्थी पर 25-25 हजार रूपए का अर्थदंड अधिरोपित किया है। जबकि सहायक मत्स्य अधिकारी दतिया राजेश कुमार पाठक पर 17 हजार रूपए जुर्माना लगाया है।
मामला यह है कि मत्स्य विभाग से सेवानिवृत महेंद्र कुमार दुबे ने मत्स्य विभाग दतिया से आरटीआई के तहत 4 फरवरी 2014 को आवेदन लगाकर दस्तावेज मांगे थे। लेकिन तत्कालीन लोक सूचना अधिकारियों ने संबंधित दस्तावेज उपलब्ध होने से साफ इंकार कर दिया। मामला राज्य सूचना आयोग में पहुंचा।
जहां भी आरोपित अधिकारियों ने दस्तावेज गायब होने के संबंध में वहीं जबाव दिया। इस पर राज्य सूचना आयुक्त ने 26 जनवरी 2016 को एफआईआर के आदेश दिए। एफआईआर से बचने के लिए अधिकारियों ने दस्तावेज मिलने की बात कही। लेकिन गुमराह करने पर राज्य सूचना आयुक्त ने 28 अगस्त 2021 को आदेश जारी किया ।
जिसमें तीनों अधिकारियों पर अर्थदंड आरोपित किया गया। इनमें नितिन वर्मा हरदा और राजेश तथा अनिल अवस्थी दतिया में पदस्थ हैं। जुर्माना संबंधी कार्रवाई की कॉपी 6 दिसंबर को मिली है। इनमें से दो अधिकारियों ने राज्य सूचना आयुक्त द्वारा लगाए जुर्माने को अपास्त करने के लिए हाईकोर्ट ग्वालियर में याचिका दायर की है।

