कोरोना से राहत: दो साल बाद पूरे ठाट से निकली बारातें, गार्डनों में जगह नहीं मिली तो मैदानों में लगे टेंट- Shivpuri News

शिवपुरी। कोरोना के चलते शादियों पर लगे प्रतिबंधों को प्रदेश सरकार द्वारा हटाने के बाद देवोत्थान एकादशी के बाद शादियों का सीजन शुरू होते ही विवाह कार्यक्रमों की रौनक लौट आई। रविवार को जहां हर मैरिज गार्डन में विवाह समारोह आयोजित हो रहे थे। तो वहीं खाली पड़े मैदानों में भी टेंट लगाकर विवाह किए जा रहे थे। रात में बारातें भी बड़े ठाटवाट के साथ निकाली गईं। यह सब 2 वर्षो से लगी रोक हटने के बाद दिखाई दिया।

रात्रि मेें आयोजित विवाह समारोह में काफी भीड़ नजर आई। वहीं बारातों में भी लोग बड़े उत्साह के साथ डांस करते देखे गए। बारातों में भी काफी भीड़ देखने को मिली। शहर में रात मेें इतनी बारातें निकली कि हर तरफ जाम ही जाम नजर आया। शहर के सभी मैरिज गार्डन फुल थे और हर जगह शादियों की धूम थी। पिछले 2 वर्षो से कोरोना के कारण सीमित संख्या में लोगों की उपस्थिति विवाह कार्यक्रमों के लिए तय की गई थी।

जिस कारण शादियों के दौरान दिखने वाला उत्साह लोगों का कम था। कोरोना के कारण बारातों पर भी रोक थी। जिस कारण पिछले 2 वर्षो में सीमित संसाधनों और रिश्तेदारों के बीच शादियां की गईं। लेकिन हाल ही में प्रदेश सरकार द्वारा सभी प्रतिबंध हटा लिए गए। जिस पर लोगों का उत्साह दो गुना हो गया और शादियों के पहले सीजन में ही लोगों में उत्साह नजर आया।

जहां हर मैरिज गार्डन में चारों और भीड़ ही भीड़ नजर आई। शहर में एक बार फिर से शादियों के दौरान होने वाली रौनक लौटी और जिसका असर बाजारों पर भी पड़ा। दीपावली पर भी इतना उत्साह लोगों में नहीं था, जितना की शादियों के सीजन शुरू होते ही बाजारों में दिखाई दिया।

शादियों में न मास्क दिखे न सोशल डिस्टेंसिंग
कोरोना महामारी के दौरान लगाए गए प्रतिबंधों को सरकार ने सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क के इस्तेमाल की शर्त के साथ हटाए थे। लेकिन रविवार को आयोजित विवाह समारोह के दौरान कोई भी मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करते नहीं मिला। हर कोई विवाह के उत्सव में रंगा नजर आया और इस उत्सव के माहौल में वह यह भूल गए कि कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है।