भागवत सिर्फ मोक्ष प्राप्ति का साधन ही नहीं जीवन जीने की साधना भी है: नंदिनी भार्गव - Shivpuri News

शिवपुरी। श्री ठाकुर बाबा मंदिर हाथीखाना पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिवस मैं शुकदेव पारीक्षित मिलन,वाराह अवतार,एवं कपिल द्वारा भक्ति योग की महिमा का वर्णन, व्यास वाल योगी नंदिनी भार्गव द्वारा वडे ही ह्दय को छूने वाले ढंग से किया गया।

व्यास नंदिनी ने कहा कि पारीक्षित ने कथा मृत्यु के भय से सुनी या मोक्ष के लिये ? किंतु वास्तविकता यह है कि पारीक्षित जिसने गर्भ मै ही भगवान का दर्शन पा लिया हो, जिसके दादा अर्जुन का रथ स्वयं भगवान चलाते हों,उसे क्या मोक्ष की चिंता होगी,मोक्ष तो स्वमेव मिलना ही था।

कथा तो पारिक्षित ने ठाकुर जी के प्रेम मैं ढूवने के लिये सुनी, क्योंकि कथा केवल मोक्ष प्राप्ति का साधन न होकर जीवन जीने की साधना भी है। श्री ठाकुर जी को जो भजते है वो भक्त दुस्तर माया अथवा संसार को पार कर जाते हैं। ठाकुर वावा पर चल रही कथा के यजमान मणि महाराज मनी है,जो साल भर एक एक रुपया इकट्टा कर कथा कराते हैं,इस कारण तमाम भक्त उन्है तन मन धन से सहयोग कर रहे हैं।