जमीन की रजिष्ट्री कैंसिल कराने दोनो बेटियो को लेकर मां चढ़ी पानी की टंकी पर- Shivpuri news

शिवपुरी। शहर में भू माफिया प्रशासन के साथ मिलकर एक ओर जहां शासकीय जमीन व निजी जमीनों की अदला बदली करने में लगे हुए हैं वहीं कुछ भू माफिया गरीब अनपढ़ किसानों की जमीनों को हथियाने के लिए फर्जी तरीके से रजिस्ट्रियां करा रहे हैं। जिसके चलते शहर में आए दिन जमीनों को लेकर विवाद सामने आते रहते हैं।

ऐसा ही एक मामला आज पोहरी चौराहे पर स्थित कुशवाह समाज के एक गरीब व्यक्ति की लाखों रूपए के प्लाट और दुकान की रजिस्ट्री गुपचुप तरीके से करा ली गई। धोखे से रजिस्ट्री कराने की भनक जब जमीन मालिक की पत्नि और बच्चियों को लगी तो वह आत्महत्या करने के लिए पानी की टंकी पर चढ़ गई।

टंकी पर चढ़ी माँ बेटियों की सूचना पुलिस प्रशासन को लगी तो वह आनन फानन में घटना स्थल पर पहुंची और पूरे मामले की तयकीकात करने पर पता लगा कि धोखे से रजिस्ट्री कराने वाले भू माफियाओं के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जिसके विरोध में वह आत्म हत्या करने के लिए मजबूर हुई हैं। पुलिस ने व मुश्किल माँ बेटियों को कई घंटे की मशक्कत करने के बाद और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने के आश्वासन के बाद उन्हें नीचे उतारा।

जानकारी के अनुसार लक्ष्मण कुशवाह पुत्र देवीलाल कुशवाह निवासी नौहरी ने अपनी दो बीघा जमीन विट्टू रावत निवासी नौहरी को कुछ समय पहले विक्रय की थी। उक्त जमीन पर विट्टू रावत ने छोटे-छोटे प्लॉट बनाकर बेचना शुरू किया। बताया गया है कि विट्टू रावत लक्ष्मण के द्वारा ही प्लॉट के रूप में रजिस्ट्री प्लॉट क्रेता को ही सीधे कराता था।

इसी का फायदा लेते हुए विट्टू रावत ने पटवारी दीपक धाकड़ एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर लक्ष्मण कुशवाह की पोहरी चौराहे स्थिति पैतिृक जमीन पर बनी 720 फिट की दुकान एवं 2500 वर्ग फिट के प्लॉट जिसकी कीमत बाजार रेट में करोड़ों में आंकी जाती हैं को धोके से भगवती धाकड़ पत्नि चंदन सिंह धाकड़ उम्र 52 साल निवासी नवाब साहब रोड़ के नाम करा दी गई।

जब इसकी भनक लक्ष्मण कुशवाह की पत्नि मीना व पुत्री कृष्णा और क्रांति को लगी तो वह विट्टू रावत के पास पहुंची और कहा कि उक्त प्लॉट व दुकान को दुकान उनके द्वारा बेचा ही नहीं हैं। फिर यह रजिस्ट्री किस तरह से हो गई। संतुष्ट जवाब न मिलने से परेशान होकर आज लक्ष्मण की पत्नि मीना व पुत्री कृष्णा व क्रांति मनियर वायपास स्थित पानी की टंकी पर आत्महत्या करने की मंशा से चढ़ गई। कर्ई घंटों के बाद और प्रशासन के आश्वासन के बाद उन्हें व मुश्किल नीचे उतारा। उक्त पूरे मामले की पुलिस गहराई से जांच करने में जुटी हुई हैं।

एसडीएम और तहसीलदार के बुलाने पर भी नहीं आया पटवारी
जब यह पूरा हाई वोल्टेज ड्रामा चल रहा था तब मौके पर मौजूद एसडीएम व तहसीलदार ने भी पटवारी दीपक धाकड़ को मौके पर बुलवाया, लेकिन दीपक धाकड़ काफी इंतजार के बाद भी मौके पर नहीं आया। ऐसे में पटवारी के निलंबन की घोषणा कर दी गई।

नशा मुक्ति केंद्र से निकाल लाए थे लक्ष्मण को
पत्नी का कहना है कि पति को ग्वालियर के एक नशा मुक्ति केंद्र में बंद करवा दिया था, लेकिन बिट्टू रावत और मनोज कुशवाह नशा मुक्ति केंद्र के पैसे भर कर उन्हें वहां से ले आए थे, ताकि वह उनसे रजिस्ट्रियां करा सकें।

चाहे कुछ कर ली जमीन वापस नहीं ले पाओगे
पीड़ित परिवार का आरोप है कि पटवारी दीपक धाकड़ उन्हें बार-बार धमकाता था कि उसकी पहुंच मंत्री तक है। तुम किसी भी हालत में जमीन वापस नहीं ले पाओगे। अगर जमीन वापस चाहिए तो तुम्हें मुझे 50 लाख रुपए देने होंगे।