यह अंधा है कानून: 29 ग्राम पंचायतो में प्रमाणित हुआ सवा दो करोड का भ्रष्टाचार, कार्रवाई नहीं सचिव को इनाम दिया गया


संजीव जाट@बदरवास। खबर भ्रष्टाचार से भर हुई किसी भी भ्रष्टाचार के मामले में पहले शिकायत,फिर जांच अगर जांच में दोषी तो कार्रवाही। पंचायतो में अगर निर्माण राशि का गबन किया हैं तो धारा 92 के तहत नोटिस दिया जाता हैं और राशि की वसूली की कार्यवाही की जाती हैं,लेकिन शिवपुरी जिले में कानून अंधा हैं प्रमाणित भ्रष्टाचार में जिला प्रशासन ना ही कोई कार्यवाही कर सका और ना ही पिछले कई वर्षो में गबन की गई राशि की वसूली कर सका। उल्टा भ्रष्टाचार में लिप्त सचिवो को मलाईदार पंचायते और थमा दी गई।

हम बात कर रहे हैं जिले की बदरवास जनपद पंचायत के अंतर्गत आने बाली 29 ग्राम पंचायतों में 15 करोड़ 22 लाख की रिकवरी के लिए धारा 92 के नोटिस महज 15 वर्षो से कागजो में ही क्रियान्वयन है। धारा 92 के प्रकरण बदरवास जनपद 29 ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य हुआ नही ओर राशि आहरण हो गई तो उक्त धारा 92 के तहत प्रकरण वर्ष 2004 से अभी तक अलग अलग ग्राम पंचायतों में नोटिस नोटिस का खेल जारी है।

हालात है कि रिकवरी की बजाए रिकवरी में दोषी सरपंच के साथ साथ सचिव भी है लेकिन उक्त राशि रिकवरी की बजाए ग्राम पंचायतों में सचिव बनकर बकायदा अपना कार्य सम्हाल रहे है। अधिकतर जिन ग्राम पंचायतों में निर्माणकार्य की राशि का गबन हुआ है सचिब उन्ही ग्राम पंचायतों पर जमे हुए है।

निर्माणकार्य की राशि सचिव इंजीनियर सरपंच के सयुक्त हस्ताक्षर के राशि नहीं निकाली जा सकती तो इस प्रकार उक्त गबन हुई राशि में तीनों बराबर के हिस्सेदार है। पिछले वर्ष 2004 से 2015 तक महज कार्यवाही नोटिसों तक ही सीमित रह गई है जब कभी मामला सामने आता है तो नोटिस निकलते है और बसूली के बाद फिर कार्यवाही की फाइल रद्दी की टोकरी में चली जाती है।

राशि नही हुई जमा तो नही लड़ पाएंगे चुनाव

निर्वाचन आयोग के द्वारा बनाई गई नियमावली के तहत जिस अभ्यार्थी पर किसी भी व्यक्ति संस्था या आपराधिक मामला प्रस्तावित होने के कारण जब तक उसका निराकरण नहीं होता है तो वह किसी भी प्रकार से चुनाव नहीं लड़ सकता है तो वर्तमान में बदरवास जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली 29 ग्राम पंचायतों में करोड़ों रुपए के निर्माण कार्य राशि खुर्दबुर्द करने वाले सरपंच धारा 92 के तहत कार्रवाई की इज्जत में है तो इस प्रकार वह चुनाव नहीं लड़ सकते हैं

जिन पंचायतों में गबन हुआ उनके सरपंच है SC-ST

जिन पंचायतों पर राशिबरिकवरी है या धारा 92 के प्रकरण पंजीबद्ध है वह बदरवास जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ऐसी ग्राम पंचायतें हैं जहां पर आरक्षण के चलते हरिजन आदिवासी सरपंच के पद पर क्षेत्र के रसूख रखने वाले लोगों को द्वारा उन्हें पद पर काबिज करा कर निर्माण कार्य किया नही ओर राशि आहरण कर ली गई जिसकी रिकवरी उन लोगों पर हो रही है कुल मिलाकर हरिजन आदिवासी को ढाल बनाकर करोड़ों रुपए के बारे न्यारे कर लिए गए क्या वह लोग पर्दे के बाहर आएंगे या हरिजन आदिवासी ही कार्रवाई का शिकार होकर रह जाएंगे

29 ग्राम पंचायतों पर प्रस्तावित है धारा 92 के प्रकरण

बदरवास जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली 29 ग्राम पंचायतों पर जिला पंचायत के द्वारा धारा 92 के प्रकरण प्रस्तावित है जो कि उक्त ग्राम पंचायतों के द्वारा ग्राम पंचायत में निर्माण कार्य किए बगैर राशि धारण कर ली गई थी उक्त ग्राम पंचायतों पर जिला पंचायत के द्वारा धारा 92 के प्रकार प्रस्तावित है

इनका कहना हैं
कार्यवाही प्रस्तावित है चुकी यह प्रकरण जिला पंचायत द्धारा चलाई जाती है और वर्तमान क्या सिथति है यह वहिं से पता चलेगा
एलएन पिप्पल,सीईओ जनपद बदरवास

जो भी दोषी होगा उसके ऊपर कार्रवाई की जाएगी

जितने भी धारा 92 के प्रकरण लंबित हैं उक्त लोगों को नोटिस के माध्यम से अंतिम चेतावनी दी जाएगी अगर उनके द्वारा रिकवरी की राशि जमा नहीं की गई तो उक्त लोगों के ऊपर मामले दर्ज किए जाएंगे।
एचपी वर्मा सीईओ जिला पंचायत शिवपुरी