बोलता फोटो: महिला बाल विकास आफिस में ही पनप रहे है डेंगू मच्छर, प्रशासन ने चलाया था डेंगू पर प्रहार अभियान - Shivpuri News

नीरज अवस्थी। 14 सिंतबर से प्रशासन ने डेंगू पर प्रहार अभियान का श्रीगणेश किया था,कलेक्टर शिवपुरी ने डेंगू के रोकथाम के लिए आवश्यक निर्देश दिए थे नगर पालिका ने इस अभियान के तहत दवाई का छिडकाव का काम भी किया था,या यू कह लो सिर्फ इस अभियान का फोटो सेशन हुआ और खबरे अखवार के दफ्तरो में प्रकाशन के लिए भेजी गई।

इस खबर पर आगे चलने से पहले हम डेंगू की मप्र की बुलेटिन पर नजर डालते हैं। मध्यप्रदेश में डेंगू का कहर जारी है जो लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ है प्रदेश मे अभी तक 5000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं अन्य जिलों के साथ ही शिवपुरी का निकटतम जिला ग्वालियर भी इससे अछूता नही है यहां अभी तक 294 से अधिक मामले सामने आ चुके और बीते दिन ग्वालियर मे एक दिन मे रिकार्ड 38 मामले सामने आये।

इस आंकडे से शिवपुरी का भी डराना चाहिए

अब डर यह है कि अगर डेंगू शहर मे फैला तो हालात और बहुत ज्यादा खराब हो सकते हैं क्योंकि जिला अस्पताल पहले से मरीजों से भरा हुआ है यहां मौसमी बीमारीयों से पीड़ित मरीजों की संख्या इतनी अधिक है कि नये मरीजों के लिए बेड मिलना मुश्किल हो रहा है। यही हाल जिला अस्पताल के चिल्ड्रन वार्ड का है यहां तो एक वेड पर 2 से 3 बच्चों के बाद अब हालात ये हो गए कि वार्ड के बाहर वेड लगाकर बच्चों को भर्ती किया जा रहा है।

यह है सरकारी कार्यालयो का हाल

आपने फोटो देखा होगा यह बोलता फोटो इस डेंगू के प्रहार अभियान पर एक जोर दार तामाचा हैं। महिला बाल विकास एक ऐसा विभाग हैे जो कुपोंषण जैसी बीमारी से लडता हैं,कही न कही स्वास्थय विभाग का काम वह भी करता हैं,लेकिन इस विभाग के सामने गंदगी किचड का अंबार इस विभाग की कार्यप्रणाली का उजागर करता हैं। यह विभाग अपने परिसर को की साफ नही रख सकता तो यह जिले से कुपोषण कैसे साफ करेगा यह सवाल बडा हैं।

यह फोटो खोलता है नगर पालिका की कार्यप्रणाली की पोल

डेंगू के प्रहार अभियान में 2 विभागो की मुख्य भूमिका थी,एक नगर पालिका तो दूसरा मलेरिया विभाग। मलेरिया विभाग के कर्मचारियो को नपा को दवा उपलब्ध करना था ओर घर घर जाकर डेंगू के मच्छर के लार्वा की जांच करनी थी लेकिन ऐसा नही हुआ इस बार लार्वा का सर्वे कागजो मे दौडा हैं। वही जो स्थिती महिला बाल विकास के आफिस के परिसर की है ऐसी ही स्थिती पूरे शहर में कई स्थानो पर हैं।

अब बात करते है नगर पालिका की

डेंगू और मलेरिया से हम जब जंग जीत सकते हैं जब हमरा शहर साफ होगा,शहर की हालत यह है कि वह कूढे के ढेर पर बैठा है। कई बार ऐसी खबरे भी प्रकाशित हो चुकी हैं शहर की नाली आवरफ्लो होकर सडको पर वह रही है। नपा के पास सैकडो सफाईकर्मी है पर सिस्टम फैल हैं सफाई का।

शहर के चारो और जलभराव हैं,अगर डेंगू शहर मे फैला तो उसे रोकने मे अगर प्रशासन पूरा अमला भी लगा देगा फिर भी इस पर काबू नही कर पायेगा क्योकि आज के समय मे अगर देखें तो सभी वार्डों मे गंदगी का अमवार लगा हुआ है जगह-जगह जल भराव हो रहा है जो डेंगू के एडीज मच्छर के पनपने के लिए पूर्णत: अनुकुल वातावरण निर्मित करता है।

शहर के कृष्णपुरम कॉलोनी की देखें जहां नालियों के पानी कि निकासी नही होने और कुछ लोगों द्धारा नालियों पर अतिकृमण करने से अब हालात ये हो गए हैं कि नालियों का पानी सड़कों पर जमा होने लगा है और इस ठहरे हुए पानी के कारण लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है।

यहां के निवासियों को डेंगू जैसी घातक बीमारियों का डर भी सताने लगा है। अब कॉलोनी वासियों कि मांग है कि कॉलोनी मे पहले से निर्मित नालियों से जल निकासी की व्यवस्था की जाए और जिन लोगों ने नालियों पर अतिकृमण कर लिया है और पानी को निकलने नही दे रहे हैं ऐसे लोगों के विरूद्ध भारी जुर्माना लगाकर कार्यवाही कि जाए।