Eastern heights school:फीस के लिए 10th फैल स्टूडेंट को 11th में एडमिशन दे दिया

शिवपुरी। शहर के  Eastern heights public school का एक काला कारनामा सामने आया हैं। इस कारनामे के कारण एक स्टूडेंट के 2 साल बर्बाद हो गए। अब प्रबधंन इस मामले में बात करने से कतरा रहा हैं। अगर इस मामले में संसार का कोई भी न्याय इस स्टूडेंट को  न्याय नही दिला सकता इस बच्चे के बर्बाद हुए 2 साल वापस नही आ सकते हैं,लेकिन अपने आप को ब्रांड बताने वाले स्कूल की लापरवाही एक स्टूडेंट को भरी पडी।  

बैराड़ निवासी पुरुषोत्तम सोनी( बल्लू सोनी) इनका पुत्र सत्यम सोनी जो शुरू से ही इस स्कूल में पढ़ाई कर रहा था 2019 में सत्यम ने 10th की परीक्षा दी इसके बाद 2020 में कोरोना सारे देश को अपनी चपेट में ले लिया था उस समय सारे स्कूल कॉलेज बंद थे 2020 में स्कूल प्रबंधन ने सत्यम को 11th के लिए एडमिशन दे दिया और पेरेंट्स से कोरोना काल की फीस भी वसूल कर ली।

इसके बाद 2021 में  12th के लिए एडमिशन कराने के लिए हरी झंडी दे दी घर वालों की नजर में बच्चा 12वीं में आ चुका था इन 3 सालों में स्कूल प्रबंधन ने घरवालों को सत्यम सोनी की 10th की मार्कशीट नहीं दी क्योंकि 10th में सत्यम फेल हो चुका था सारा खेल स्कूल प्रबंधन ने सत्यम से फीस लेने के चक्कर में झूठ पर झूठ बोलते चले गए इस सारे घटनाक्रम में सत्यम की 3 साल स्कूल प्रबंधन ने केवल पैसों के लालच में खराब कर दी।

इस पूरी घटना के सबूत स्कूल प्रबंधन की रसीदें सब मौजूद है यह कितना बड़ा घोटाला और पैसे के लिए छात्रों की जिंदगी से खिलवाड़ शिवपुरी शहर के प्राइवेट स्कूलों में किया जा रहा हैं। बताया जा रहा है कि इस साल बच्चे के परिजनो ने 12वीं क्लास में अपने बच्चो को शिवपुरी की जगह बैराड पढाने का निर्णय लिया।

स्कूल प्रबधन ने बच्चे की टीसी दे दी ओर दसवी की मार्कसीट भी। परिजनो ने बच्चो की दसवी क्लास की मार्कसीट नही देखी सीधे बैराड चले आए। बताया जा रहा हैं कि बैराड मे जिस स्कूल में बच्चे का बाहरवी क्लास में एडमिशन ले रहे थे उसर् स्कूल प्रबंधन ने बच्चे की दसवी क्लास की मार्कशीट चेक की तो वह फैल की निकली। जब परिजनो को इस बात की जानकारी मिली तो परिजनो के पैरो तले जमीन खिसक गई कि अब क्या होगा हमारे बच्चे के 2 साल खराब हो गए। अब समय निकल गया बच्चे का इस साल भी दसवी में एडमिशन नही होगा।  

इनका कहना है
आप जो मामला बता रहे है यह सॉप्टवेयर के चलते हुआ है,इस बच्चे की 10th में कंपार्टमेंट आई थी,उसके बाद उसने एग्जाम दिया तो फिर कंपार्टमेंट आई थी उसके बाद यह परिवार बैराड़ शिफ्ट हो गया। कब यह हमारे प्ले ग्रुप स्कूल से टीसी ले गया। जहां स्टाफ को जानकारी नही थी,रही बात फीस की तो वह बापिस कर दी है। जब उनसे पूछा कि फीस किस बात की ली थी जब वह 11 में आया ही नही तो वह चुप्पी साध गए।
सुबोध अरोरा,संचालक एस्टर्न हाइट्स स्कूल शिवपुरी