कोरोना के बाद स्कूल तो खुल गए,न मिली गणवेश, न मध्यान्ह भोजन, भूख से बिलखते बच्चे- Shivpuri News

शिवपुरी। कोरोना काल के बाद अब पुन: एक बार शासन ने स्कूल 50 प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति के माध्यम से स्कूल खोलने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसी कड़ी में शिक्षकों द्वारा लगातार विद्यालय खोले जा रहे हैं। लेकिन पूर्व की भांति शासन के आदेशानुसार बच्चों को माध्यमिक एवं मीडियल स्कूलों 15 से 18 सितंबर तक सभी पालकों के बैठक की गई और अधिकारियों ने स्कूलों का जायजा भी लिया। इसमें कुछ जगह अनियमितताएं भी मिलीं जिस पर कार्रवाई की गई। शासन ने स्कूल तो खोल दिए हैं, लेकिन नौनिहालों के खाने की व्यवस्था नहीं की गई है। जबकि अभी हाल ही में पीटीए संघ के चुनाव में संपन्न कराए जा चुके हैं। इसके बाद भी व्यवस्थाओं में सुधार नहीं आया हैं।

6 सितंबर से माध्यमिक स्कूल खुलने के बाद मध्यान्ह भोजन नहीं दिया जा रहा है। फिलहाल प्राथमिक कक्षाओं में भी इसका वितरण नहीं होगा। इसके बदले में विद्यार्थियों को सूखा राशन किट वितरित करने के निर्देश थे। फरवरी तक सूखा राशन बांटा गया, लेकिन अब यह भी बंद है। जबकि अभी भी बच्चों को यह वितरित किया जाना चाहिए। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कूपन आ गए हैं और राशन मिलते ही जुलाई व अगस्त की किट बंटना शुरू होगी। इसके बाद सितंबर का राशन बांटेंगे।

इसमें ग्रामीण अंचल में दूर के गांवों से आने वाले बच्चों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर भोजन वितरण करने वाले स्वसहायता समूह भी खाली पड़े हुए हैं। जिले में जिले में प्राइमरी स्कूल 2208 और मिडल स्कूल 701 हैं। वहीं हाइस्कूलों की संख्या 217 है। इसमें डेढ़ लाख से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं।

बच्चों को नहीं मिली गणवेश

स्कूलों में बच्चों के गणवेश तैयार करने का काम इस बार स्व सहायता समूहों को दिया गया था। इसमें एक बच्चे पर 600 रुपये की राशि निर्धारित थी। इसमें भी कोरोना की आड़ लेकर भारी अनियमितताएं देखने को मिली हैं। बच्चों को जो गणवेश पिछले वर्ष मिल जाना चाहिए थी लेकिन कोरोना काल में समूहों के माध्यम से गणवेश वितरण की गई, लेकिन कई विद्यालयों में तो आज तक बच्चों को गणवेश नहीं मिली हैं। बच्चे आज भी गणवेश की आस लगाए बैठे। अब इस बार के गणवेश कब मिलेंगे इसकी स्थिति का कुछ भी पता नहीं है। बीआरसी अंगद सिंह ने बताया कि अभी हाल ही में जनशिक्षा केन्द्र प्रभारियों की बैठक ली हैं। जिन बच्चों को ड्रेस नहीं मिली हैं उनको हम सूचीबद्ध करके उनके खाते में राशि पहुंचा दी जाएगी।

बच्चों ने एडमिशन ही नहीं लिया

हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी की कक्षाओं में शासन की योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को साइकिल दी जाती है। कुछ बच्चे इस साइकिल की उम्मीद में ही दूर गांव से भी पढऩे के लिए आते हैं। इस बार कोरोना चलते लिस्ट तो भेजी गई थी, लेकिन साइकिल वितरण नहीं हुआ। इसके चलते कई बच्चों ने आगे की कक्षाओं में दाखिला नहीं लिया है। इस बार एडमिशन के आंकड़े भी पिछले वर्ष की तुलना में कम हैं।

इनका कहना है
अभी मध्यान्ह भोजन वितरित नहीं किया जा रहा है। इसके बदले में सूखा राशन वितरण किया जा रहा है । कूपन आ गए हैं और राशन आते ही इसका वितरण कर देेंगे। स्कूल खोलने के पहले सभी जगह पालकों के साथ बैठक की है। शिवपुरी में अधिकांश एकीकृत विद्यालय हैं और माध्यमिक कक्षाएं पहले से लग रही हैं। ऐसे में कोई परेशानी नहीं आएगी।
अंगद सिंह तोमर, बीआरसीसी शिवपुरी