सीमांकन के ऐवज में 10 हजार की रिश्वत लेने वाले ASLR को पांच साल की जेल ,लोकायुक्त ने पकडा था

शिवपुरी। भ्रष्टाचार का गढ बन चुके शिवपुरी में एक के बाद एक लोकायुक्त ने कई अधिकारी और कर्मचारीयों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया जा चुका है। परंतु उसके बाद भी यहां अधिकारीयों में भय नहीं है। अधिकारी खुल्लम खुल्ला रिश्वत का काला खेल खेल रहे है। ऐसा ही एक मामला आज प्रकाश में आया है। जहां जमीन के सीमांकन के ऐवज में 10 हजार की रिश्वत लेने वाले एएसएलआर को 5 साल के सश्रम कारावास एवं 12 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। अभियोजन की ओर से पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक हजारी लाल बैरवा ने की।

अभियोजन के अनुसार 8 जून 2015 को सिरसौद निवासी हेमेंद्र कुमार झा ने लोकायुक्त पुलिस को शिकायत दर्ज कराई थी कि उस्की पैतृक जमीन के सीमांकन के बदले करैरा एएसएलआर राकेश कुमार गुप्ता द्वारा उससे 15 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत के बाद 17 जून 2015 को लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी एएसएलआर राकेश गुप्ता को 10 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया व विवेचना के बाद मामला न्यायालय में पेश किया।

मामले की सुनवाई के दौरान प्रकरण में आए समस्त साक्ष्यों व गवाहों के बयानाें के आधार पर न्यायाधीश ने आरोपी को अधिनियम की धारा 7 में 3 वर्ष के कारावास एवम 5 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है, जबकि 5 साल का सश्रम कारावास एवं 7 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है।