Shivpuri News- रिकार्डतोड बारिश के बाद रिकार्डतोड बिजली कटौती: लूटेरे विभाग का नया प्लान लागू 24 घंटे में 12 घंटे बिजली बंद

शिवपुरी। शिवपुरी में इस माह बारिश ने रिकार्ड तोडा हैं,शिवपुरी के आसमान में ठहरे बादलो ने जिले में ताबाही मचा दी थी। इस ताबही के जख्म पर नमक छिडक रहा है मप्र शासन का मान्यता प्राप्त लूटेरा विभाग। रिकार्डतोड बारिश के बाद रिकार्डतोड बिजली कटौती। अब अटल बिजली अभियान में 24 घंटे में 12 घंटे बिजली कटौती का प्लान लागू बिजली विभाग ने शिवपुरी जिले के लिए कर दिया है।

शहर में पिछले 15 दिनो से बिजली का जाना बडी बात नही हैं आना बडी बात हो गई हैं। घंटो बिजली के गायब होने के कारण लोगो को इस उमस भरी गर्मी में परेशानी वही नागरिकों के काम-काज प्रभावित हो रहे हैं। शहर के माधव चौक, गुरुद्वारा, मुख्य बाजार सहित फिजिकल क्षेत्र में शाम से ही बिजली गायब हो जाती हैं।

बिजली गुल होने की वजह जानने के लिए कंपनी के अधिकारियों को फोन लगाते रहे लेकिन कोर्ई भी फोन उठाने को तैयार नहीं, इसलिए बिजली गुल होने का कारण का भी पता नहीं चल सका।

हालात यह रहे कि सर्किट हाउस रोड़ पर 24 घंटे बाद ही लाईट की सप्लाई चालू हो सकी। सवाल तो यह खड़ा होता हैं कि विद्युत विभाग के अधिकारी मेेंटीनेंश के नाम पर चाहे जब लाईट काट देते हैं। तो फिर मानसून आने से पहले किस बात की लाईट काटी जाती हैं।

यहां बताना होगा कि पिछले तीन दिन से विद्युत विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण पूरा शहर अंधेरे में डूबा रहा। जबकि शहर में अभी इतनी बारिश भी नहीं हुई कि लाईट बंद करना पड़े। सबाल यह उठता हैं कि अधिकारी बगैर बारिश के दो दिन तक लाईट बंद करना कहां तक उचित हैं। रात 8 से 9 बजे के बीच हृदयस्थल माधव चौक की बिजली गुल हो रही है।

बुधवार और गुरूवार की रात 8 बजे गई लाइट रात 2.30 बजे बहाल हो सकी। अधिकारी उस समय लाइन में फॉल्ट होने की बात कहते नजर आए। कुल मिलाकर लंबे समय तक बिजली गुल रहने से नागरिक परेशान बने हुए हैं। शहर में इन दिनों विद्युत व्यवस्था पूरी तरह ठप्प होती दिखाई दे रही हैं।

क्योंकि के शहर 39 वार्डों में हालात यह है एक से दो घंटे ही लाईट आती बांकी समय शहर लाईट बंद कर रहे हैं। यह स्थिति किसी गांव की नहीं जिला मुख्यालय की हैं और नागरिक अधिकारियों को यदि फोन लगाते हैं, तो संतुष्टि पूर्ण जावाब भी नहीं मिलता हैं आखिर क्या स्थिति हैं।

क्योंकि विद्युत मण्डल के अधिकारी अपने कानों में तेल और आंखों पर टीन का चश्मा पहने हुए हैं। जबकि बिजली के बिलों की हालत तो गंभीर बनी हुई हैं। शहर में कोई भी कटौती का समय निश्चित नहीं हैं चाहे जब यहां लाइट काट दी जाती हैं। जिसकी सूचना विभाग के अधिकारियों को भी तक नहीं रहती हैं। आलम यह है कि शाम होते ही यहां लाइट काटना इनकी आदत में सुमार हो गया हैं।

जिला मुख्यालय पर करीबन 12 घण्टे दिन रात लाइट कटौती यह किसकी सह पर कार्य चल रहा हैं। इन दिनों बारिश का मौसम हैं और रास्तों की भी हालत दयनीय है कभी भी कोई गंभीर हादसा घटित हो सकता हैं और विद्युत मण्डल के कर्मचारियों द्वारा अपनी आंखों पर पट्ïटी बांधे देखना जा रहा है।

जबकि शहर के नागरिकों का तो यहां तक कहना है कि विद्युत विभाग के अधिकारी यहां वर्षों से जमे हैं जब तक इनको अन्यंत्र स्थानांतरण नहीं कराया जाएगा तब तक शहर लाईट की स्थिति ऐसी ही बनी रहेगी। इन विद्युत मंडल के अधिकारियों ने जिला मुख्यालय को ग्रामीण इलाकों से खराब हालत बनाकर रखी हैं।

चाहे जिसके खिलाफ केस बना देते हैं। अगर मोटी रकम दे दी जाती है तो छोड़ भी दिया जाता है। अगर रिश्वत दी जाती है तो उसके खिलाफ केस कायम करवा दिया जाता है। बेचारे कई गरीब किसानों पर केस कायम कर दिया गया।