पटवारी ने कहा तहसील आ जाओ वही अपना नुकसान बता देना, मौके पर नही पहुच रहे पटवारी- kolaras news

कोलारस। अनुविभाग में हुई अतिबर्षा और बाढ़ के हालातों ने सर्वाधिक काम का भार राजस्व विभाग पर डाला है। एसडीएम गणेश जायसवाल ने कोरोनाकाल में दिन रात काम कर अपने कर्मचारियो से बेहतर तालमेल स्थापित कर कोविड गाइंड लाइन का पालन कराने व 100 प्रतिशत को वैक्सीन का लक्ष्य पूर्ण करने में कामयाबी हासिल की थी।

इसके बाद एक बार फिर उनके विभाग की परीक्षा की घड़ी है। काम बड़ा है, राजस्व विभाग में ईमानदारी से काम करने वाले पटवारियों का अकाल है, महिला पटवारी इन कामों में कोई मदद प्रदान करने में असहाय हैं, क्योंकि कोई भी महिला पटवारी मुख्यालय पर निवास नही करती।

इस समय नदी किनारे हल्कों में पदस्थ पटवारियों पर बडी जिम्मेदारी है और उनको खुद को साबित करना है। कुछ पटवारी तो अपने कर्तव्य के प्रति सजग होकर बाढ पीडितों का दुख दर्द सुनकर बाढ से हुए नुकसान का शत प्रतिशत आंकलन कर सर्वे कर रहे हैं तो कुछ महज कागजों में खानापूर्ति कर आपदा को लाभ का अवसर तलाशकर बाढ पीढितों से पैसा ऐंठने में मशगुल दिखाई दे रहे हैं।

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत लालपुर के हल्का पटवारी जगदीश अहिरवार से सर्वे के दौरान हरिजन बस्ती के बैजू जाटव, खेमा जाटव, इंद्राबाई परिहार, लक्ष्मण परिहार, अज्जु जाटव, गुप्ला जाटव, प्रीतम जाटव, खुमना जाटव, राजवीर दांगी आदि ग्रामीणों ने आपदा में बाढ़ से हुए नुकसान को सर्वे में सम्मलित किऐ जाने की गुहार लगाई।

पटवारी ने हठधर्मिता का परिचय देते हुए पीडितों को दुत्कारते हुए कहा कि अभी समय का अभाव है में अपने आफिस में बैठकर सर्वे की सूची तैयार करूंगा, तुम सभी वहीं आ जाना। और जबसे पीडित ग्रामीण पटवारी के दर्शनों को तरस गए हैं।
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भेदभावपूर्ण रवैया अमले को नहीं आ रहा रास

एक ओर स्थिति यह है कि तहसील कार्यालय में शासकीय कर्मचारियों के साथ साथ प्राइवेट कर्मचारी दिन रात काम में जुटे हैं। पूर्व में जहां तहसील कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर का अकाल था आज कई ऑपरेटर काम करते नजर आ रहे है।

ग्रामीण अंचलों में हुई हानि का त्वरित सर्वे कर राहत राशि हेतु कागज मुख्यमंत्री द्वारा निर्देशित तरीके से भेजे जाना है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की इस क्षेत्र पर लगातार नजर है। कहीं वो अधिकारी वर्ग से गूगल मीट कर रहे है तो कहीं क्षेत्रीय किसानों से सीधे बात करने का भी आदेश दे रहे हैं।

इस काम में कार्यालय स्तर पर महिला कर्मचारियों से कोई काम नही लिया जा रहा है उन्हें फ्री हैंड करना अन्य अमले को समझ नही आ रहा है। ये भेदभाव पूर्ण रवैया अन्य अमले को रास नही आ रहा। आपदा के समय बाढ से हुआ नुकसान व सर्वे कर पीडितों को मुआवजा दिलाना राजस्व विभाग के लिए बडी चुनौती है इसमें लापरवाही या गैर जिम्मेदाराना रवैया किसी को भी इधर उधर कर सकता है।

या यूं कहा जाए कि कोई भी वरिष्ठ अधिकारियों और मुख्यमंत्री के कोप का भजन बन सकता है। लेकिन लालपुर हल्के में पदस्थ पटवारी के बुलंद हौसलों ने मुख्यमंत्री के आदेश व वरिष्ठ अधिकारियों के सख्त दिशा निर्देशों को भी मटियामैल कर रख दिया है।
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इनका कहना है
मामला आपके द्वारा संज्ञान में लाया गया है। बाढ़ में हुए नुकसान का नियमानुसार सर्वे कराकर मुआवजा दिया जा रहा है। यदि लालपुर हल्का में पटवारी द्वारा किसानों से उनके कार्यों के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही है एवं बाढ़ पीड़ितों के साथ भेदभाव का रवैया अपनाया हैं तो मामले की जांच कराकर, उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
गणेश जायसवाल,अनुविभागीय अधिकारी कोलारस