शिवपुरी। कोरोना की दूसरी लहर की शांति के बाद कोरोना योद्धाओ के सम्मान समारोह आयोजित किए जा रहे हैंं,प्रतिदिन एक या दो सम्मान समारोह शहर में हो रहे हैं,संस्थाए कोरोना वॉरियर्स को सम्मान दे रही हैं,लेकिन वह योद्धा जिन्होने कोरोना से सीधे युद्ध कर लोगो की जान बचाई उन्है सम्मान तो दूर की बात वेतन भी नही मिल रहा हैं उल्टे नौकरी से ही भगा दिया हैं।
जानकारी के अनुसार कोरोना की जानलेवा दूसरी लहर के समय मप्र सरकार ने कोरोना से लडने के लिए डॉक्टर सहित अन्य स्टॉफ की भर्ती की थी। हालाकि यह भर्ती 3 माह के लिए की थी और उसके बाद उन्है नौकरी से हटा दिया गया हैं,लेकिन इन 3 माह का उन्है वेतन भी नही दिया। अपनी नौकरी की वापिसी और वेतन के लिए अब उन्है सरकार से युद्ध करना पड रहा है। ऐसे सभी लोग मप्र में चल रही नर्सो की हडताल का समर्थन कर रहे है और उनसे अपने लिए भी समर्थन मांग रहे है।
कोरोना काल में कोरोना से लडने के लिए मप्र के स्वास्थय विभाग ने 30 जून तक के लिए डॉक्टर,लैवटैक्निशियन,फार्मासिस्ट,नर्स और वार्ड बॉय की जगह निकली थी। अस्तपाल के आईशोलनेश वार्ड सहित सामुदायिक अस्पताल,प्राथमिक अस्पताल में ऐसे 225 मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की गई थी। जिन्होने कोरोना की दूसरी लहर में 3 माह तक अपनी सेवाए दी।
एआईडीवायओ संगठन के बैनर तले यह लोग सरकार से अपनी मांगे कर रहे हैं। संगठन के जिलाध्यक्ष धीरेन्द्र शिवहरे का कहना हैं कि पिछले साल जब कारोना काल आया तो जब भी सरकार ने हमारी सेवाए ली थी,अब जब देश में दूसरी लहर आई तो फिर हमारी सेवाए ली गई। अब जब तीसरी लहर की बात चल रही हैं तो फिर हमे क्यो भगाया जा रहा है।
हमे हमारे काम का वेतन भी नही मिला है साथ में हमे हमारी नौकरी से भगा दिया गया। हम सरकार से मांग करते है कि हम पढे लिखे लोगो के साथ ऐसा व्यवहार नही किया जाए। हमने कोरोना से सीधे सीधे युद्ध किया हैं लोगो की जान बचाई हैं,दूसरी और कोरोना योद्धाओ का सम्मान किया जा रहा हैं,लेकिन हमारे सम्मान में हमे नौकरी से भगा दिया गया हैं। जब स्वास्थय विभाग को हमारी आवश्यकता है तो फिर हमे क्यो नौकरी से निकाला जा रहा हैं।
धीरेन्द्र शिवहरे ने बताया कि विभाग हमारे जैसे कर्मचारियो की अब छटनी की बात कर रही हैं कुछ लोगो को नोकरी पर वापस बुलाया जा सकता हैं,लेकिन इसमें भ्रष्टाचार चल रहा हैं।

