सिंधिया के भाजपा में आने से कार्यकारिणी गठन में खींचतान, जिलाध्यक्ष पर अपने अपने गुट से पद देने का दबाव - Shivpuri News

शिवपुरी। भाजपा कार्यकारिणी का गठन पिछले पौने 2 साल से लगातार टल रहा है और टलने का प्रमुख कारण यह बताया जाता है कि पार्टी के विभिन्न गुट अपने-अपने खैमों के लिए अधिक से अधिक पदाधिकारियों का दबाव जिलाध्यक्ष पर डाल रहे थे।

वहीं सिंधिया खैमे के भाजपा में आने के बाद उस गु्रप का भी दबाव जिलाध्यक्ष पर है। जिला कार्यकारिणी में महासचिव पद पर सबसे अधिक विवाद बताया जाता है और हर खैमा अपने कार्यकर्ता को उस पद पर आसीन करना चाहता है। महामंत्री पद के लिए जिलाध्यक्ष राजू बाथम की पसंद जिला उपाध्यक्ष हेमंत ओझा बताए जाते हैं।

लेकिन पार्टी का एक पॉवरफुल गुट उनके नाम पर बीटो लगा रहा है। यशोधरा राजे खैमे की ओर से महामंत्री पद के लिए संजय गौतम का नाम आगे बढ़ाया जा रहा है। वहीं सिंधिया खैमा और भाजयुमो जिलाध्यक्ष मुकेश सिंह चौहान भी महामंत्री बनने की जुगाड़ में हैं।

तीन महामंत्रियों में से एक महामंत्री पद अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है। पिछली कार्यकारिणी में पार्टी के वरिष्ठ नेता ओमप्रकाश खटीक के पुत्र राजकुमार खटीक जिला महामंत्री थे। लेकिन अब उनकी ताजपोशी पर भी तलबार लटकी नजर आ रही है। पूर्व विधायक रमेश खटीक के सुपुत्र मुकेश खटीक का नाम भी महामंत्री पद की रेस में है।

उपाध्यक्ष पद के लिए भी पार्टी में जबरदस्त खींचतान है। ऐसे में यह कहावत सत्य साबित हो रही है कि एक अनार सौ बीमार। इन दबावों से परें निकलने की जिलाध्यक्ष के समक्ष एक बड़ी चुनौती है।

लेकिन सूत्र बताते हैं कि 15 जुलाई तक कार्यकारिणी घोषित हो जाएगी और कार्यकारिणी घोषित होने के बाद यह तय होगा कि शिवपुरी जिले की भाजपा राजनीति में किस गुट का वर्चस्व रहेगा।

भाजपा जिलाध्यक्ष राजू बाथम संघ कोटे से जिलाध्यक्ष बने हैं। हालांकि उनकी नियुक्ति में बाधाएं भी कम नहीं आईं। भाजपा की गुटबाजी में उन्हें केन्द्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का समर्थक माना जाता है। भाजपा किसान मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष रणवीर सिंह रावत के वह नजदीकी हैं।

श्री बाथम मृदुभाषी हैं और किसी के मान सम्मान में कोई कसर नहीं छोड़ते लेकिन इसके बाद भी वह पार्टी में सभी के विश्वासपात्र नहीं बन पाए। यहीं कारण है कि उन्हें कार्यकारिणी गठन में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जिला कार्यकारिणी में तीन पद महामंत्री के हैं और पदाधिकारियों की सूची में महामंत्री पद सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।

इन तीन महामंत्रियों में से एक महामंत्री तो अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है। ऐसे मेें सामान्य वर्ग के लिए महामंत्री के दो पदों पर सभी को संतुष्ट करना बहुत कठिन कार्य है। महामंत्री पद के लिए जिलाध्यक्ष बाथम पिछली कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष हेमंत ओझा की नियुक्ति चाहते हैं।

श्री ओझा वर्तमान में सांसद केपी यादव के नजदीकी हैं और वह सांसद प्रतिनिधि के पद पर कार्यरत हैं। एक जमाने मेें श्री ओझा यशोधरा राजे के भी नजदीकी रहे हैं। लेकिन वह भूतकाल की बात है और तब से अब तक शिवपुरी के चांदपाठा में बहुत सारा पानी बह चुका है।

श्री ओझा महल विरोधी माने जाने वाले जयभान सिंह पवैया और नरेंद्र सिंह तोमर के भी नजदीकी रहे हैं। देखना यह है कि महामंत्री पद पर उनकी नियुक्ति संभव हो पाती है अथवा नहीं। महामंत्री पद के लिए यशोधरा राजे खैमा संजय गौतम के नाम को आगे बढ़ा रहा है। सिंधिया खैमे में भी कई नेता इस पद के लिए दावेदार बताए जा रहे हैं।

सूत्र बताते हैं कि सिंधिया ने जिला कार्यकारिणी हेतु अपने समर्थक 15 कार्यकर्ताओं के नाम दिए हैं। इनमें मुख्य रूप से जिला पदाधिकारी और मंडल अध्यक्ष बताए जा रहे हैं।

महिला कोटे से स्व. रामसिंह यादव की पुत्री मिथलेश यादव, संजय सांखला, राकेश गुप्ता, योगेंद्र यादव, दिनेश लोधी, मुन्नालाल कुशवाह, इस्माइल और इब्राहिम में से कोई एक, आकाश शर्मा, सिद्धार्थ लढ़ा आदि के नाम बताए जा रहे हैं। जबकि यशोधरा राजे खैमे की ओर से जिन नामों की चर्चा हैं वे हैं- संजय गौतम, भानू दुबे, गायत्री शर्मा, रश्मि गुप्ता, योगेश शर्मा, दिनेश रावत, जितेंद्र जैन गोटू, कपिल जैन।

जिला कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष और मंत्री के 8-8 पद हैं। लेकिन इनमें सभी मंडलों का प्रतिनिधित्व भी होना है। कोषाध्यक्ष और कार्यालय मंत्री का एक-एक पद है तथा आईटी सैल का प्रमुख भी कार्यकारिणी में घोषित किया जाएगा। इसके अलावा लगभग डेढ़ दर्जन कार्यकारिणी सदस्य भी बनाए जाएंगे।

55 वर्ष से अधिक आयु के कार्यकर्ता नहीं बन पाएंगे पदाधिकारी

सूत्र बताते हैं कि कार्यकारिणी में अधिकतम 55 वर्ष तक के कार्यकर्ता ही स्थान बना पाएंगे। इससे अधिक आयु के कार्यकर्ता जिला कार्यकारिणी में नहीं लिए जाएंगे। कार्यकारिणी में जिसका भी चयन किया जाएगा उसकी डेट ऑफ बर्थ भी देखी जाएगी और आयु के मापदंड में फिट होने पर ही उसे पदाधिकारी बनाया जाएगा।