ट्रांसफर सूची में RTO शिवुपरी मधुसिंह का नाम,ट्रांसफर रूकवाने दिया ठेका

शिवपुरी। शिवपुरी में जानलेवा भ्रष्टाचार के नाम से जाने वाली RTO मधुसिंह का नाम ट्रांसफर लिस्ट में हैं,बताया जा रहा है कि अपना ट्रांसफर रूकवाने के लिए मेडम पूरा जोर लगा रही है और शिवुपरी के एक नेता को इसका ठेका दिया है।

पिछले 3 साल से RTO शिवपुरी की कुर्सी पर डटी आरटीओ मधुसिंह का कार्यकाल विवादो से घिरा रहा है। भाजपा की एक सभा में बसे भेजने के मामले में लाखो रूपए के भ्रष्टाचार के आरोप मधुसिंह पर लगे थे। उसके सबूत भी मीडिया ने प्रकाशित किए थे,और विधानसभा तक भी यह मामला पहुंचा था लेकिन RTO मधुसिंह को क्लीन चिट मिली और वे शिवपुरी की कुर्सी से चिपकी रही।

बताया जा रहा है कि मेडम अपना ट्रांसफर रूकवाने के लिए प्रयास तेज कर दिए है। शिवपुरी में नगर पालिका शिवपुरी का चुनाव लड सके एक नेताजी को इस ट्रांसफर रूकवाने के लिए ठेका दिया है। वह अपने आप को मंत्री जी का खास बताते है।

भ्रष्टाचार का आफिस हैं आरटीओ कार्यालय शिवपुरी
अगर RTO कार्यालाय शिवपुरी का सटीक शब्दो में विश्लेषण किया तो लिखा जा सकता है कि भ्रष्टाचार का ब्रांड हैं यह कार्यालय,मेडम के आते ही यहां रेट लिस्ट में बढोत्तरी कर दी गई है। यह काम आसानी से होता हैं कर्मचारियो के द्धवारा नही केवल दलालो के द्धवारा।

यह सोशल मेंटेंन है पिछले 3 वर्ष से....सीधा सा अर्थ है कि आरटीओ कार्यालय शिवपुरी में सोशल पिछले 3 साल से मेंटेंन किया जा रहा है। शिवपुरी नगर से लगभग 6 किमी दूर अगर पब्लिक अपना काम कराने के लिए सीधे पहुंच जाए तो वहां कोई जिम्मेदार कर्मचारी नही मिलता हैं।

पब्लिक चक्कर लगाने के बाद दलालो से संपर्क करते हुए RTO आफिस से दूरी बनाकर रखती हैं और उसका काम होम डिलेवरी की तर्ज पर हो जाता हैं। इसलिए लिखा जाता है कि सोशल का पालन इस कार्यालय में अधिक होता है।

मधु सिंह को ड्यूटी निभाने की आदत नहीं है
मधु सिंह को ड्यूटी निभाने की आदत नहीं है। इनका रिकॉर्ड काफी कुछ बयां करता है परंतु हर नाराजगी के बाद मधु सिंह फिर से पॉवर में आ जातीं हैं। 2013 में तत्कालीन परिवहन राज्य मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने इनके कार्यालय में औचक कार्रवाई की थी।

लोग घंटों इंतजार कर रहे थे। मधु सिंह कार्यालय में नहीं थीं। 2018 में जब कलेक्टर ने इसके कार्यालय में छापामार कार्रवाई की तो दलालों के पास कार्यालय की चाबियां मिलीं। मधु सिंह उपस्थित नहीं थीं। एक स्कूल ऑटो पलटा छात्र की मौत हुई तो मधु सिंह को सस्पेंड किया गया लेकिन फिर पॉवर मेंं अब गईं।

भाजपा और कांग्रेस सरकार भी रहती हैं मेडम फुल पॉवर में
भाजपा की सत्ता हो या कांग्रेस की मेडम दोनो की सत्ता में फुल पॉवर मे रहती हैं। डेढ वर्ष पूर्व जब प्रदेश में कमलनाथ सरकार थी जब जिले के पूरनखेड़ी टॉल के पास सड़क हादसे में 7 मौतों का हो गई थी। यह हादसा ओवरलोड यात्री वाहन के कारण हुआ।

इस हादसे के बाद किसी भी नेता के मुंह से मेडम के खिलाफ 2 शब्द भी नही फूटे थे। जब देश के केबिनेट मंत्री राज्य सभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस में थे वह भी इस मामले में कुछ नही बोले,ज्योतिरादित्य सिंधिया को चुनाव हराकर सांसद बने केपी सिंह यादव कुछ कहने की हिम्मत जुटा पाते।

जलवा ऐसा कि परिवहन मंत्री ने भरी विधानसभा में इस महिला आरटीओ को बचाने के लिए झूठा जवाब दे दिया और खौफ ऐसा कि सवाल पूछने वाले विधायक ने उफ तक नहीं की। 7 चिताओं की राख सुलग रही है, जांच के आदेश तो दूर की बात किसी ने 2 शब्द तक नहीं कहे।

वही जब भाजपा की सरकार थी तो भाजपा के शासन काल में एक सभा में बस भेजने के मामले में मेडम लाखो रूपए हजम कर गई,लेकिन भाजपा ने कार्रवाई नही की।
 
वैसे भी शिवपुरी ट्रांसफर होकर आए किसी भी अधिकारी यहां से जाने का मन हीं नहीं करता हैं क्यो कि शिवपुरी की पब्लिक में विरोध के गुण नही हैं अगर कोई विरोध करता हैं तो उसे मैनेज कर लिया जाता हैं,अब देखना है कि शिवपुरी RTO मधुसिंह अपनी कुर्सी बचाने के लिए कामयाब हो जाती हैं कि नही.....