बिजली का मनचली हो जाना पडा रहा हैं विकास को भारी,तमेडी मटकी और गगरिया भी प्यासी - Shivpuri News

करैरा। करैरा अनुविभाग क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अंदौरा में लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी नलजल योजना का लाभ ग्रामीण जनों को नही मिल पा रहा रहा हैं,गांव के विकास पर गांव में बिछाई गई पाईप लाईन मनचली बिजली के कारण प्यासी रहती हैं।

इस कारण ही गांव में सोशल डिस्टेंशन का पालन नही हो रहा है। साथ ही पीने के पानी के लिए भारी भीड़ उमड़ जमा हो रही है। इससे लड़ाई झगड़े की भी आशंका बनी रहती है।

अन्दौरा के ग्रामीण बब्लू राजा ने बताया है कि हमारे गांव में तीन मजरे है और दो जगहो पर पानी की टंकी पीएचई विभाग द्वारा बनवा कर नल लगवा दिया गया था। इस पर पानी भरने पूरे गांव के लोग जाते हैं। सबसे ज्यादा समस्या उस समय आ जाती है जब गांव में बिजली नही होती है।

बिजली के न होने पर ग्राम के बाशिंदों को पीने के पानी के लिए काफी परेशान होना पड़ता है। गांव से दूर पीने का पानी भरने जाना पड़ता है। वो भी तब जब हम सब महामारी के समय प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे हैं।

इसके बाद भी पीएचई विभाग ने लाखों रुपये भले ही नलजल योजना पर खर्च कर दिए हो लेकिन इसका लाभ गांव वालो को नही मिल पा रहा है। पूरे गांव में पानी को लेकर काफी त्राहि त्राहि मची हुई है। यहां तक कि जब किसी को पीने का पानी नही मिलता है तो लड़ाई झगड़े की नौबत भी आ जाती है।

घर घर कनेक्शन दिए जाने का चल रहा कछुआ गति से काम

करैरा के ग्राम अन्दौरा में पीएचई विभाग द्वारा नलजल योजना के तहत पाइप लाइन पूरे गांव में बिछा दी गई है, लेकिन घर घर कनेक्शन देने का काम बढ़ी ही धीमी गति से शिवपुरी के ठेकेदार के द्वारा किया जा रहा है। पीएचई की नलजल योजना में विभागीय अधिकारियों और इंजीनियरो की अनदेखी के कारण ठेकेदार कार्य मे लापरवाही कर रहा है। यही हालात अधिकतर पंचायतों में देखने को मिले हैं। पीएचई के अधिकारी मौका मुआयना नहीं करते हैं और ठेकेदार अपने तरीके से काम करते है जिससे योजना खटाई में चली जाती है।

इनका कहना है
हमारे गांव में बिजली की समस्या ज्यादा है इसलिए थोड़ी परेशानी होती है। पीएचई विभाग के द्वारा दो जगहो पर पानी की टंकी बनाई गई है जिससे पूरे गांव के लोंग पीने का पानी भरते हैं। जब लाइट नही रहती तब ज्यादा दिक्कत आती है। घर घर कनेक्शन का काम अभी चल रहा है। जल्द ही लोगों को घर घर पीने का पानी मिलने लगेगा।

हरिसिंह रावत, सचिव अन्दौरा