शासकीय कर्मचारी क्राईसिस मेनेजमेंट ग्रुप का सदस्य बन बैठा, कलेक्टर को मिसगाइड कर रहा है - Shivpuri News

शिवपुरी। श्रीमंत यशोधरा राजे सिंधिया ने शहर के नगरपालिका क्षेत्र की समस्यों को लेकर एक वार्ड क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी का गठन किया गया जिसमे पूर्व जनप्रतिनिधियों को गूगल मीट के माध्यम से प्रशासन के साथ जोड़ा गया जो लोगो की समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराएंगे।

लेकिन इस वार्ड क्राइसिस मैनेजमेंट गूगल मीट में जनप्रतिधि कम उनके पति या परिजन जुड़े रहे जो लोगो के समस्या तो छोड़ो आपने हितों को साधते देखे गए ।जबकि कुछ जनप्रतिनिधि खुद जनता को परेशान करने के साथ उनके कार्यो में व्यवधान उत्पन्न तो करते ही है धमकाते के साथ देख लेने की धमकी देते है।

कुछ इसी तरह का मामला वार्ड क्रमांक 20 में देखने को मिल रहा है यहाँ पर वार्ड की पूर्व पार्षद रेखा परिहार के पति गजेंद्र गब्बर परिहार भेदभाव के साथ लोगो के काम कर रहे है अभी अभी ताज़ा मामला नल कनेक्शन करने को लेकर देखने मे आया जहाँ पर 1 महीने से भी अधिक समय की रसीदों वाले उपभोक्ताओं के नलो में पानी एक महीना बाद आया जब उन पर एक माह का बिल भी लग गया ।

जबकि कुछ चेहते लोगो के यहाँ रसीद के दूसरे दिन ही नल कनेक्शन करवा दिए । इस तरह की भेदवाव प्रणाली से लोगो मे काफी रोष भी है जो भाजपा के काफी समय से विश्वशनीय भी है लेकिन इस भेदभाव से क्षुब्ध है । यहाँ आपको बता दे कि जो पार्षद पति गजेंद्र गब्बर परिहार शासकीय स्वशासी स्वर्गीय माधवराव सिंधिया कॉलेज में जनभागीदारी समिति से जिम ट्रेनर के पद पर कई वर्षों से काम कर रहा है और शासकीय कलेक्टर दर की वेतन भी प्राप्त कर रहा है।

अब बड़ा सबाल ज़िलाधीश से यह है कि क्या शासकीय कलेक्टर दर प्राप्त कर्मचारी प्रशासन के साथ गूगल मीट वार्ड क्राइसिस मैनजमेंट में कैसे शामिल हो सकता है जिसमे कलेक्टर से लेकर एडीएम,एसडीएम,तहसीलदार ,नायव तहसीलदार,सीएमओ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी कर्मचारी मौजूद होते है ।

ऐसा नही है कि उक्त जिम ट्रेनर यही तक सीमित हो वह अक्सर नेताओ के साथ -साथ चुनावी रैली,सभाओ और नेताओं के लिए प्रचार कBरते देखा जा सकता है अब यदि ज़िलाधीश महोदय ने इस तरह शासकीय कर्मचारियों पर लगाम नही लगाई तो आगे और भी कर्मचारी इसका दुरुपयोग करेंगे ।

सरकारी वेतन से मज़े छान रहा जिम ट्रेनर

जिलाधीश महोदय आपको बता दे कि पिछले 2 साल से कॅरोना महामारी फैली हुई है जिसमे केवल थोड़े समय के लिए ही जिम को खोला गया लेकिन इस जिम ट्रेनर से इस समय मे सरकारी वेतन के बदले प्रशासन ने कोई काम नही लिया बल्कि फ्री में इसको वेतन देते रहे और आज भी कॅरोना काल के चलते कॉलेज की जिम बंद है जिससे लोगो की जुबान पर एक ही बात आती है कि सरकारी वेतन से मज़े छान रहे है नेताजी।

इनका कहना है
यह पार्टी का मामला नहीं है,यह कही कर्मचारी है यह तो मुझे आज ही पता चला है। चूंकि क्राईसिंस मेनेजमेंट से पार्टी का कोई संबंध नहीं है इस बारे में तो कलेक्टर ही बता पाएंगे कि उसमें कर्मचारी को शामिल करने का प्रावधान है अथवा नहीं,रही बात शासकीय कर्मचारी की तो वह मैं पता लगा रहा हूं।
राजू बाथम,जिलाध्यक्ष भाजपा शिवपुरी।