खसरे खतौनी की नकलों के किए परेशान किसान, 500 दो नहीं तो लगाते रहो चक्कर - Shivpuri News

शिवपुरी। किसानों को खेती के लिए केसीसी बनवानी है इतना ही नहीं उन्हें अन्य काम के लिए लोन की आवश्यकता है जिसके चलते उन्हें जमीन की खसरे और खतौनी की नकलों की आवश्यकता है लेकिन पैसा न देने के चलते किसान तहसीलों के चक्कर काटने को मजबूर है।

किसानों का कहना है कि लोक सेवा केंद्र भी महज दिखावे के है यहां भी लोगों को फीस जमा करने के बाद चक्कर ही लगाना पड रहे हैं तो दूसरी ओर तहसीलों में भी बिना पैसों के लेनदेन के कोई कारोबार संचालित नहीं हो रहा है जिससे जिले का अन्नदाता परेशान हैं।

नकल के लिए लगेंंगे 500
जिले की तहसीलों की बात करें तो तहसीलें भ्रष्टाचार के खेल से अछूती नहीं हैं। किसान बारेलाल का कहना है कि उसे बैंक में केसीसी बनवानी है और उसे खसरे और खतौनी की नकल चाहिए जिसके लिए वह लोक सेवा केंद्र गया रसीद भी कटवाई लेकिन 15 दिन बाद भी नकल नहीं मिली जिसके बाद वह तहसील गया तो वहां बैठे बाबू ने कहा कि नकल के लिए तो 500 रूपए ही लगेगे नहीं तो नकल नहीं मिलेगी। थक हारकर किसान बारेलाल ने अपनी जेब से 500 दिए तब नकल मिल सकी।

सीमांकन, बंटवारा के लिए भी रिश्वत
किसान हक्केराम, सियाशरण, होतम सिंह का कहना है कि तहसीलों में हालता और भी खराब हो गए है। यहां बिना पैसे के कोई काम नहीं हो रहा है। इतना ही नहीं यहां तो नामांकन, सीमांकन और बंटवारे के लिए भी पैसा देना पड रहा है।