15 हजार में खरीदी गई युवती के साथ 2 माह तक हुआ बलात्कार,अब पीड़िता प्रेग्नेंट - Shivpuri News

शिवपुरी। भोपाल से 15 हजार में खरीद कर लाई गई बधुआ युवती को प्रशासन ने मुक्त कराया था इस मामले में अब नया खुलासा हुआ है कि युवती के साथ जबरिया शादी की गई और अब वह पीडिता प्रेग्नेट हैं। पुलिस ने युवती को मुक्त कराकर महिला बाल विकास विभाग के वन स्टॉप सेंटर भेज दिया था जहां युवती की काउसंलिंग के बाद यह खुलासा हुआ है।

पुलिस ने इस मामले में युवती का अब मेडीकल चैकअप कराया तो युवती के गर्भवती होने की पुष्टि हुई। जिसके चलते अब पुलिस ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ रेप की धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना में ले लिया है।

जानकारी के अनुसार 20 वर्षीय पीडिता ने बताया कि ग्राम डाबरपुरा निवासी इंदर बेडिया ने मेरी मां के बीमार हो जाने पर इलाज के लिए 15 हजार रुपए दिए थे। इसके बदले में मुझे अपने गांव में मजदूरी के लिए लेकर आ गया था। युवती ने आगे बताया कि इंदर बेडिया ने डरा धमका कर उसकी मर्जी के खिलाफ जबरदस्ती शादी कर ली। साथ ही जान से मारने की धमकी देकर बलात्कार करता रहा। इस दौरान मारपीट कर घरेलू काम भी कराता था। इस दौरान वह प्रेग्नेंट भी हो गई।

यह है पूरा मामला

दरअसल, बीते कुछ दिनों पूर्व भोपाल के कोहेफिजा झुग्गी बस्ती का मामला प्रकाश में आया था। जिसमें यहां रहने वाली युवती को शिवपुरी के बैराड़ थाना क्षेत्र स्थित डाबरपुरा गांव में एक व्यक्ति 15 हजार रुपए के बदले में 3 महीने से बंधक बनाकर रखे हुए था।

युवती की मां ने अपनी बेटी को मुक्त कराने के लिए बंधुआ मुक्ति मोर्चा के लोगों से गुहार लगाई। मोर्चा के पदाधिकारी ने जिला प्रशासन शिवपुरी को लिखित शिकायत दी। जिस पर पोहरी एसडीएम जेपी गुप्ता, तहसीलदार विजय शर्मा और बैराड़ थाने के एसआई नितिन भार्गव डाबरपुरा गांव पहुंचें। यहां बंधक बनी युवती को मुक्त कराया।

जबरदस्ती शादी कर किया दुष्कर्म

पीडिता ने वन स्टॉप सेंटर के अधिकारियों को अपने बयानों में बताया कि बैराड़ थाना क्षेत्र के ग्राम डाबरपुरा निवासी इंदर बेडिया से मेरी माँ की जान पहचान थी। मार्च के महीने में मेरी माँ के बीमार हो जाने पर इंदर ने इलाज के लिए 15 हजार रुपये उधार दिए थे,और बदले में मुझे भोपाल से अपने गाँव आंकुर्सी डाबरपुरा में खेतीबाड़ी का काम सिखाने और मजदूरी के लिए लेकर आ गया था।

लेकिन इंदर बेडिया ने मुझे डरा धमका कर बँधुआ मजदूरी के लिए मजबूर कर दिया,कुछ समय बाद मेरी मर्जी के खिलाफ जबरदस्ती मुझसे शादी कर ली और मेरे साथ जान से मारने की धमकी देकर बलात्कार करता रहा। इस दौरान मारपीट कर घरेलू काम भी कराया जाता था,जब मां की चोरी छुपे बेटी से फोन पर बात हुई तो उसने बताया कि यहां मुझे बंधुआ मजदूर की तरह रखा है। बंधुआ मुक्ति मोर्चा के सहयोग से प्रशासन ने मुझे मुक्त कराया।

उसके बाद उक्त युवती को वन स्टॉफ सेंटर में रखा गया। जहां युवती की काउसंलिंग की गई जब बलात्कार की बात सामने आई। प्रशासन ने मेडीकल कराया तो उक्त युवती प्रेग्नेंट निकली।