मेडिकल कॉलेज के दरवाजे पर तड़प रही थी महिला, घंटो बाद किया गया भर्ती, मौत के बाद आयोग का नोटिस - Shivpuri News

शिवपुरी। मेडिकल कॉलेज में पीड़ित महिला दरवाजे पर इलाज के लिए क्यों पड़ी रही और इलाज में ऐसी क्या लापरवाही बरती कि उसकी मौत हो गई। यह मामला मप्र मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान में लेकर मेडिकल कॉलेज के डीन से जवाब मांगा है।

मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार जैन ने मानव अधिकार हनन से जुड़े मामलों में संज्ञान लेकर संबंधित से प्रतिवेदन मांगा है। शिवपुरी में लगभग 200 करोड़ की लागत से मेडिकल कालेज बनने के बाद लोगों को आशा थी कि यहां बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी, लेकिन उम्मीद पर पानी फिर गया।

मेडिकल कालेज में अब से कुछ रोज पहले शुरू किए कोरोना आईसोलेशन वार्ड और आईसीयू वार्ड में मरीजों के साथ बरती जा रही लापरवाही के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। यहां जिला चिकित्सालय से रैफर की गई महिला की बीते गुरूवार को इलाज के दौरान मौत हो गई।

मृतक महिला के पति मनोज गौड़ ने बताया कि उसकी पत्नी को 27 अप्रैल को जिला चिकित्सालय से यहां रैफर किया गया था। मेडिकल कालेज में उसकी पत्नी दरवाजे पर पड़ी रही, लेकिन उसे भर्ती नहीं किया गया।

जैसे-तैसे कलेक्टर के दखल से पत्नी को भर्ती कराया, लेकिन दो दिन यहां पर चले इलाज में बरती गई घोर लापरवाही से उसकी पत्नी की मौत हो गई। इस मामले में आयोग ने अधीक्षक, मेडिकल कालेज शिवपुरी से प्रतिवेदन मांगा है।