कोरोना ने बदली जिंदगी: पति-पत्नी बच्चों को दे रहे है समय, बच्चे भी दादा दादी से सुन रहे है कहानियां - Shivpuri News

शिवपुरी। कोरोना ने लोगों की जिंदगी को बदल कर रख दिया है। कामकाजी महिलाएं अपने परिवार को जहां कम समय दे पा रहीं थी तो वहीं पुरूष भी अपने काम के चलते परिवार को कम समय दे पा रहे थे लेकिन लॉकडाउन के चलते बाजार पूरी तरह से बंद है तो सरकारी कार्यालय में भी कर्मचारियों की मौजूदगी कम हैं।

यहीं वजह है कि लोग अब अपना अधिकतर समय अपने परिवार के साथ व्यतीत कर रहे हैं। लॉकडाउन के चलते माता पिता बच्चों के साथ है और वह बच्चों को समय दे रहे है साथ ही बच्चे भी स्कूल बंद होने के चलते अब अपने माता पिता के साथ साथ दादा दादी के साथ है और उनसे कुछ सीख रहे है। तो उनकी देखभाल भी कर रहे हैं।

बैंगलोर से आया बेटा देख रहा माता पिता को

बैंगलोर की आईटी कंपनी में काम करने वाले बसंत कई कई साल तक अपने घर नहीं आते थे घर में अकेले माता पिता हैं जो शिवपुरी में रहते हैं जबकि बसंत और उनकी पत्नी अंजलि बैंगलोर में ही रहते हैं। लॉकडाउन लगा तो बसंत और अंजलि शिवपुरी आ गए। वर्क फ्रोम होम के चलते वह अपना काम तो घर से कर ही रहे हैं साथ ही अपने माता पिता की देखभाल भी कर रहे हैं।

अखिलेश आए पूना से

अखिलेश आईटी कंपनी में इंजीनियर है और वह व उनका परिवार पूना में रहता है लेकिन माता पिता शिवपुरी में रहते हैं। दूसरी बार के लॉकडाउन के साथ ही वह शिवपुरी आ गए हैं और वह अपने माता पिता की सेवा कर रहे हैं तो दूसरी ओर उनके बच्चों को दादा दादी का दुलार भी मिल रहा है।

पति भी बंटा रहे हैं पत्नियों के कामों में हाथ

आमतौर पर घर की जबावदारी पत्नियां ही संभालती हैं लेकिन कोरोना काल में लॉकडाउन के समय में पति भी अपनी पत्नियों के कामों में हाथ बटा रहे हैं।