बैंक कर्मी की तड़प-तड़प कर मौत: डॉक्टरों से अपने पिता को बचाने मिन्नतें करती रही बेटी - Shivpuri News

शिवपुरी। जिले में कोरोना से मौते थमने का नाम नही ले रही हैं,कोरोना के कारण अपनो की जान जा रही हैं और लोग अपनो को तडपते हुए देख रहे हैं। अपनो को पल-पल मरते हुए देख रहे है लोग और सभी संसाधन होते हुए भी मरने से नही बच पा रहे हैं ऐसा ही एक घटना आज जिला चिकित्सालय से सामने आ रही है जहां एक बेटी अपने पिता को बचाने के लिए संघर्ष करती रही डॉक्टरों से मिन्नते करती रही कि इस दुष्ट कोरोना से मेरे पिता को बचा लो लेकिन ऐसा नही हो सका। एक बेटी का पिता की मौत उसके सामने ही हो गई।

जानकारी के अनुसार श्रीकृष्ण शर्मा उम्र 55 साल कोपरिटिव बैक के कर्मचारी निवासी तुलसी नगर को लगभग 7 दिन पूर्व सांस लेने में तकलीफ हुई। ईलाज के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि श्रीकृष्ण शर्मा की पत्नि और बेटा भी कोरोना की चपेट में आ गए। पत्नि को भी ईलाज के लिए जिला अस्पताल मे भर्ती करना पडा। बेटा हाॅम आईसोलेट हो गया।

अब अपने माता पिता के ईलाज की पूरी जिम्मेदारी बेटी एकता शर्मा के कंधो पर आ गई। बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल में बेटी को अपने माता पिता का ईलाज कराने में काफी सघंर्ष करना पडा। माता जी का स्वास्थ्य दिन प्रतिदिन बेहत्तर हो रहा था लेकिन बैंककर्मी श्रीकृष्ण शर्मा का स्वास्थय दिन प्रतिदिन गिरता जा रहा था।

बडी ही मुश्किल से श्रीकृष्ण शमा्र को जिला अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड से आईसीयू में शिफ्ट किया गया। लगातार उनका आक्सीजन लेवल गिर रहा था। आज दोपहर लगभग 1 बजे श्रीकृष्ण शर्मा कोरोना से जंग हार गए। अपने पिता को बचाने के लिए बेटी बार-बार डॉक्टरों से मिन्नते करती रही। एकता शर्मा ने अपने पिता की मोत का जिम्मेदार अस्पताल प्रबंधन को माना हैं।

एकता शर्मा ने मीडिया को बताया कि अस्पताल में अनट्रेड स्टाॅफ है,जिसे ड्रगो के विषय मे कोई जानकारी नही हैं कितना इजेंक्शन मरीज को देना हैं और कितना नही यह जानकारी नही हैं। जो डाॅक्टर मरीजो को ईलाज कर कर रहे हैं वे लगातार लापरवाही बरत रहे हैं। एकता शर्मा ने कहा कि डाॅक्टर राजपूत से बार-बार में अपने पिता की स्थिती के विषय में बातचीत कर रही थी लेकिन डाॅक्टर साहब ज्यादा ध्यान नही देते थे।