कोलारस में कोरोना कर्फ्यू ने बढाई किचिन में मुश्किले, अन्य खरीददारी पर कर्फ्यू लेकिन खाने पीने के समान पर कैसे

हार्दिक गुप्ता,कोलारस। जिले में कोरोना को काबू करने के लिए कोरोना कर्फ्यू 30 मई तक बडा दिया गया है। इससे कोरोना तो काबू पा सकते हैं,लेकिन रसोई मे होने वाली मुश्किलो और बजट को काबू में कैसे करे यह आम जनमानस की समझ से बहार हो रहा हैं।

लगातार कर्फ्यू बडने के कारण किराने के सामान की किल्लत मार्केट में होती जा रही हैं,किसी समान की किल्लत हो रही हैं और कई समानो की किल्लत बनाई जा रही हैं,जिससे घर पर काम धंधो पर कर्फ्यू लगाए घरो पर बैठे लोगो के बजट परेशान कर रहा हैं।

रिफाइंड तेल की बात करें तो जनवरी से अब तक 80 प्रति लीटर की बढ़ोतरी देखने को मिली है मार्केट के अनुसार अभी दामों में और बढ़ोतरी हो सकती है क्योंकि इंदौर सहित अन्य महानगरों में भी लॉकडाउन लगा हुआ है।

विगत वर्ष लॉकडाउन में रिफाइंड तेल 80 किलो बिक रहा था एवं जनवरी मे 90 रुपए, मार्च ब अप्रैल में 115 था जो अब बढ़कर 165 से 170 तक बिक रहा है पिछले साल चने की दाल का भाव 60 था वह बढ़कर अब 80 किलो बिक रही है

इसके अतिरिक्त किराने और राशन के अन्य समानो पर 30 प्रतिशत की बढोत्तरी होने की खबरे मार्केट से आ रही हैं। खास बात यह है कि भले ही कोरोना काल में लोग अन्य खरीदारी पर कर्फ्यू लगा सकते है लेकिन खाने पीने के समान पर नही।

फल ओर सब्जी की रेटो में भी हरियाली

किराने के समान के साथ फल और सब्जी की रेटो भी लगातार बड रही हैं,किसानो को परिवहन के नियमित संसाधन उपलब्ध नही होने के कारण वे अपने पर्सनल किराए के वहानो से मार्केट में सब्जी लाने के कारण सब्जी मंहगी हो रही हैं वही फल भी बहार से आ रहे हैं कर्फ्यू और परिवहन के कारण फल भी मंहगे हो रहे हैं।

सिलेंडर पर बढ़े 200 से अधिक रूपए और गायब हो गई सब्सिडी

पिछले साल अप्रैल 2020 की बात करें तो घरेलू गैस सिलेंडर 815 में मिलता था तब उपभोक्ता के अकाउंट में 214 सब्सिडी आती थी जिसके बाद उपभोक्ता को घरेलू गैस सिलेंडर 601 में आ रहा था अब गैस सिलेंडर 886 में मिल रहा है लेकिन सब्सिडी मात्र 54 ही उपभोक्ता के खाते में आ रही हैं।