एक परिवार की 3 पीढियों पर बरसा कोरोना का कहर: तेरहवीं भी नही सका पुत्र पिता की - Shivpuri News

शिवपुरी। कोरोना की दूसरी लहर ने कितना आंतक भयानक था यह हम सभी को पता हैंं,लेकिन इसका दर्द कई परिवार नही भूल सकते हैं। कई परिवारो के मुखियो ने इस कोरोना ने मार दिया। पिता पुत्रो का भी नही छोडा इस कोरोना ने,शहर की शंकर कॉलोनी में निवासरत एक परिवार के आधे से ज्यादा सदस्यो को इस कोरोना के कारण मौत हो गई हैं वही इस कोरोना ने महल कॉलोनी की 17 तीन दिन में 3 पीढियों पर हमला कर कभी न भूलने वाला दर्द दे दिया है।

महल कॉलोनी में रहने वाले 84 वर्षीय जगन्नाथ प्रसाद जैन परिवार में सबसे पहले बीमार हुए। 25 अप्रैल को महावीर जयंती के दिन एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। हालांकि उनकी आरटीपीसीआर रिपोर्ट नहीं हो सकी थी। इस वजह से वे कोरोना पॉजिटिव नहीं कहलाए, लेकिन परिवार के लोगों ने बताया कि लक्षण लगभग वैसे ही थे।

अपने दादा की मृत्यु से परिवार शोकमग्न था, तभी अचानक पिता शिखर चंद जैन 63 वर्ष भी कोरोना संक्रमित हो गए। इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज में 1 मई की रात शिखरचंद भी कोरोना से जंग हार गए। यानी दादा के निधन के 7 दिन बाद पिता की विदाई इस दुनिया से हो गई।

इस दुष्ट कोरोना ने पोते को नही छोडा महल कॉलोनी में निवास करने वाला यह जैन परिवार अपने घर के 2 सदस्यो की मौत का दुख सहन करने की कोशिश कर रहा था कि तभी इस परिवार की तीसरी पीढी पर योगेश पुत्र शिखर चंद जैन 37 वर्ष को लेकर एक दुखद खबर आ गई।

बताया जा रहा है कि योगेश अपने पिता शिखर चंद जैन जिनका 1 मई को निधन हो गया था उनकी तेहरवी भी नही कर सका। योगेश फार्मा कंपनी में नौकरी करता था और ग्वालियर रहता था वह बीमार हो गया,योगेश का ग्वालियर के सिम्स हॉस्पिटल में इलाज के दौरान निधन हो गया। कुल मिलाकर एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों का कोरोना काल बन गया।