कोरोना काल में 1 साल से अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की जान बचा रहे हैं हम: अस्थाई स्वास्थ्य कर्मियों ने सौंपा ज्ञापन - Shivpuri News

शिवपुरी। वैश्विक महामारी कोविड-19 में अपने घर परिवार की चिंता किए बिना अपनी जान की परवाह नहीं करते हुए अस्थाई चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ के द्वारा पिछले 1 वर्ष से अधिक समय से पूर्ण निष्ठा और लगन से फ्रंट लाइन में कोरोना के मरीजों की सेवा कर रहे चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा आज जिलाधीश महोदय के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा एवम् काला फीता बांधकर किया कार्यस्थल पर कार्य।

ज्ञापन देते हुए कर्मचारियों ने मांग की की इस वैश्विक महामारी में हम सभी कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने अपने परिवार, बच्चों की चिंता किए बिना अपनी जान को जोखिम में डालते हुए फ्रंटलाइन बैरियर की तरह कार्य करते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, फीवर क्लीनिक, कोविड-19 केयर सेंटर, कोबिट कंट्रोल एवं कमांड सेंटर, हॉस्पिटल, आईसीयू जैसी जगह जगह पर अपनी जान को जोखिम में डालकर पूर्ण निष्ठा से वैश्विक विकराल महामारी के दौर में कोविड मरीजों की सेवा का कार्य किया, परंतु मध्य प्रदेश की सरकार के द्वारा सभी अस्थाई चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है हम सभी अस्थाई चिकित्सक एवं पैरामेडिकल की ओर से सरकार से 2 सूत्रीय मांग कर रहे हैं।

प्रदेश के सभी अस्थाई चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संविदा में संविलियन किया जाए

प्रदेश के सभी चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ को नियमित एवं पैरामेडिकल स्टाफ की तरह समान कार्य समान वेतन की तर्ज पर वेतन दिया जाए। हमारा माननीय मुख्यमंत्री महोदय एवं सरकार से अनुरोध है कि हम सभी अस्थाई अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह नहीं करते हुए इस वैश्विक महामारी में समाज एवं कोविड मरीजों, पीड़ित मानवता की सेवा का कार्य किया हैं।

वर्तमान में सभी जिलों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अनेकों पद रिक्त हैं हम सभी को संविदा में संविलियन करते हुए रिक्त पदों पर संविदा नियुक्ति की जाए एवं हमारी दो सूत्री मांगों को प्रदेश सरकार मानवीयता के आधार पर पूरी करते हुए न्याय प्रदान करें।