हत्यारे कोरोना ने पहले ली पिता की जान, फिर इकलोते पुत्र को भी नही छोडाः अपनी लाडो के हाथ पीले करने की तैयारी कर रहा था परिवार - Shivpuri News

शिवपुरी। आज कोरोना से डराने वाले खबर श्रीराम काॅलोनी से आ रही हैं जहां एक शिक्षक की मौत कोरोना के कारण हो गई। शिक्षक की मौत के बाद हत्यारे कोरोना ने इकलौते पुत्र की भी जान ले ली। बताया जा रहा हैं कि इस हादसे पहले यह परिवार अपनी लाडो की हाथ पीले करने की तैयारी कर रहा था।

आने वाली 7 मई को इस परिवार की बीच की बेटी की शादी थी। इस घटना से पूरी श्रीराम काॅलोनी के निवासियो के हद्धय कांप गए है। बस इस हत्यारे कोरोना को कोस रहे हैं,कि कैसे एक हसते खेलते परिवार को इस कोरोना ने उजाड दिया।

जानकारी के अनुसार शिक्षक ओम प्रकाश वर्मा निवासी श्रीराम काॅलोनी परिच्छा वाले,उम्र 58 वर्ष की 5 दिन पूर्व कोविड 19 की जांच कराई थी जिसमें वह पाॅजीटिव आए थे,इसके एक दिन बाद शिक्षक ओमप्रकाश वर्मा के इकलौते पुत्र वैदहीचरण वर्मा उर्फ बंटी की भी कोविड 19 की जांच कराई। दोनो पिता पुत्र कोविड 19 के संक्रमण के शिकार हुए थे।

शिक्षक ओमप्रकाश वर्मा को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी,इस कारण उन्है सरकारी अस्पताल के आईशोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया,वह ऑक्सीजन पर थे संक्रमण तेजी से फैलने के कारण ऑक्सीजन लेवल 60 से 70 के बीच आ रहा था। बताया गया हैं कि शिक्षक ओमप्रकाश वर्मा को 2 रेडेमेसिवर इंजेक्शन भी लग चुके थे। लेकिन अब जिंदगी की रेस में यह इंजेक्शन भी हार गया और आज लगभग 11 बजे शिक्षक ओमप्रकाश वर्मा की मौत हो गई।

बताया ज रहा हें कि शिक्षक के पुत्र की स्थिती गंभीर नही थी उसका ईलाज एक प्राईवेट अस्पताल में चल रहा था उसका ऑक्सीजन लेवल 85 से 90 के बीच आ रहा था। आज शहर के प्राईवेट अस्पतालो में ऑक्सीजन खत्म हो गई इस कारण उन्होने अपने पूरे मरीज जिला अस्पताल में शिफ्ट कर दिए थे। बंटी को भी प्राईवेट अस्पताल से जिले के सरकारी अस्पताल में भर्ती किया गया।

खबर मिल रही हैं कि बंटी के मोबाईल पर किसी ने उसके पिता के मरने की सूचना दी,जिससे वह यह सदमा सहन नही सका,उसका ऑक्सीजन लेवल लगातार गिरता रहा और चंद मिनिटो में उसकी भी मौत हो गई। बताया जा रहा हैं कि हो सकता हैं बंटी का निधन हार्टअटैक आने के कारण हुआ हो। बंटी भी विवाहित हैं और उसके 2 बालक है।

आज जब जेसे ही यह खबर श्रीराम काॅलोनी में पहुंची हमेशा मुस्कराने वाले मास्टर साहब नही रहे और श्रीराम काॅलोनी की गलियो में खेलकर बडा हुआ बंटी भी यह सदमा सहन नही कर सका उसकी भी मौत हो गई। रिश्तेदारो और आस पडौस के लोगो का कलेजा फट कर बहार आ रहा था कि हे भगवान ये क्या हुआ,कैसे एक हसता खेलता परिवार इस हत्यारे कोरोना ने बर्वाद कर दिया।

इस हादसे से पूर्व अपनी लाडो की विदा करने की तैयारी कर रहा था परिवार

हसंमुख और मिलनसार ओपी वर्मा के नाम से जाने वाले जिन्है लोग प्यार से मास्टर साहब कहते थे वह अपनी लाडो की विदा करने की तैयारी कर रहे थे। मास्टर साहब की 4 संताने हैं, 1 बेटा और 3 बेटिया। बेटा घर में सबसे बडा हैं और उसके बाद बेटिया छोटी है।

मास्टर साहब की 1 बेटी की शादी पूर्व मे हो चुकी थी बीच की बेटी जो श्योपुर में न्यायालय में नौकरी करती हैं उसकी 7 मई की शादी होनी थी। इस हादसे से पहले मास्टर साहब अपनी लाडो के हाथ पीले करने की तैयारी कर रहे थे,लेकिन कहते हैं कि काल के आगे किसी की नही चलती कुछ ऐसा इस परिवार के साथ भी हुआ अपनी बेटी की विदाई से पहले मास्टर साहब की अंतिम विदाई हो गई और वह भी अपने बेटे के साथ।