जयभान सिंह पवैया के ट्वीट के बाद अंतत: शिवराज सिंह और सिंधिया का दौरा निरस्त - Pohri News

शिवपुरी। बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के पोहरी और मुंगावली के दौरे पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही थीं। वहीं पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया के ट्वीट ने भी समस्या को बढ़ा दिया था। श्री पवैया ने ट्वीट किया था कि किसी भी दल के नेताओं के दौरों और काफिले में संख्या को लेकर जनता सख्ती दिखाए।

उनका इशारा साफ था कि बढते कोरोना संक्रमण के दौरान ऐसे दौरे नहीं होना चाहिए। वहीं पूर्व विधायक प्रहलाद भारती ने भी बयान जारी कर अपनी नाखुशी जाहिर कर दी थी। हालांकि उन्होंने अपने पोहरी क्षेत्र में सरकुलर निर्माण में देरी और उसका स्वरूप बदलने पर आपत्ति दिखाई थी। लेकिन इसे उनकी नाराजी के रूप में भी देखा जा रहा था।

इन सब कारणों से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का पोहरी और मुंगावली का दौरा अपरिहार्य कारण बताते हुए निरस्त कर दिया गया। जिसकी अच्छी प्रतिक्रिया सामने आई है।
प्रदेश में देश के अन्य भागों की तरह कोरोना की दूसरी लहर विकराल रूप धारण कर रही है। शिवपुरी जिले में भी कोरोना का ग्राफ तेजी से बढ़ता जा रहा है।

जिला प्रशासन ने कोरोना नियंत्रण के लिए तमाम उपाए सुझाए हैं। विवाह शादी में 50 और शवयात्रा में 20 की उपस्थिति सीमित की गई है। सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने और मास्क पहनने की लोगों को हिदायत दी गई है। नागरिकों से अपेक्षा की गई है कि बढ़ते कोरोना मामलों को देखते हुए वह आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें और अपना तथा दूसरों का कोरोना से बचाव करें।

ऐसी स्थिति में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के दौरों पर सवाल उठ रहे थे कि जब स्थिति इतनी विकट है तो दौरा क्यों आवश्यक है। क्यों नही इसे टाला जा सकता। कोरोना संक्रमण के कारण मुंगावली क्षेत्र में स्थित करीला मेला को रंगपंचमी पर प्रतिबंधित किया गया था। ऐसी स्थिति में दौरे पर सवाल उठ रहे थे कि क्या सारे नियम कायदे कानून आम जनता पर ही लागू हैं और सत्ताधारी लोग सभी कानूनों से ऊपर हैं।

यह भी चर्चा थी कि पोहरी और मुंगावली में भीड़ जुटाने के इंतजाम भी किए गए थे। ऐसी स्थिति में कोरोना से कैसे बचाव होगा। हालांकि अब भाजपा विधायक जजपाल सिंह जज्जी कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और राज्यसभा सासंद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए अपना यह महत्वपूर्ण दौरा रद्द किया है।

सूत्र बताते है कि पोहरी में भी भीड़ जुटाने के इंतजाम किए जा रहे थे। पोहरी में मुख्यमंत्री और सिंधिया को 12 करोड़ रूपए के कार्यो का भूमिपूजन करना था। लेकिन पोहरी में भाजपा नेताओं में गुटबाजी भी साफ नजर आ रही थी। प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश राठखेड़ा और पूर्व विधायक प्रहलाद भारती के बीच तनातनी की खबरें थी।

कार्यक्रम की तैयारी से श्री भारती अलग थलग बने हुए थे। दौरे के दो दिन पूर्व उन्होनें सरकुला बांध को लेकर आपत्ति खड़ी कर गुटबाजी को स्पष्ट कर दिया। पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया ने भी इशारे-इशारे में कोरोना काल में नेताओं के दौरे पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने एक ओर तो जहां होली के दौरान गाईडलाईन का पालन करने के लिए प्रदेश सरकार को साधुवाद दिया।

वहीं जनता से अपेक्षा की कि नेताओं क दौरे और काफिले में, सरकारी-गैर सरकारी कार्यक्रमों में संख्या को लेकर वह सख्ती दिखाए। इससे महामारी के विरूद्ध लड़ाई में इसका संदेश अच्छा जाएगा। इन सब कारणों से अंतत: मुख्यमंत्री और सिंधिया का दौरा स्थगित हो गया और लोगों को यह कहावत कहने का मौका नहीं मिला कि साधु जी खुद बेगन खाएं और दूसरों को उपदेश दें।