टीकाकरण की चाल से कई गुना तेज रफ्तार से भाग रहा हैं कोरोना: 6 माह लगेंगे 45 प्लस के लोग कोरोना प्रूफ होने में - Shivpuri News

शिवपुरी। कोरोना की सेंकेंड लहर की रफ्तार तेज हैंं,जांचो में पॉजीटिव आने का प्रतिशत पिछले वर्ष से दुगुना हो गया हैं,पिछले साल लगभग 4 प्रतिशत लोग ही जांचो में कोरोना पॉजीटिव हो रहे हैं,लेकिन इस सेंकेंड लहर में यह आंकडा 8 प्रतिशत से अधिक का हैं,यह स्थिती डराने वाली है।

कोरोना की रोकथाम के लिए सरकार ने टीकाकरण की शुरूवात कर दी है। पहले तो कोरोना की वैक्सीन हेल्थकेयर वर्कर्स और फ्रंटलाइन वॉरियर्स को लगी अब 45 प्लस के लोगो को यह वैक्सीन लग रही है। जिले में मार्च तक कुल 48 हजार 562 लोगों को पहला डोज और 10 हजार 915 लोगों को कोरोना का दूसरा डोज लगाया जा चुका है। इसमें 45 वर्ष से अधिक उम्र के सामान्य व्यक्तियों की संख्या 32 हजार 027 है।

एक महीने में कोरोना टीकाकरण का करीब आठ फीसद लक्ष्य ही हासिल किया जा सका है, जबकि वर्तमान में 66 केंद्रों पर टीकाकरण जारी है। इस गति से टीकाकरण चलता है तो 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को ही कोरोना टीका लगाने में पांच महीने का समय लग जाएगा, क्योंकि अब पहला डोज लगने के 42 दिन बाद दूसरा डोज लगाया जा रहा है।

ऐसे में कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण पर निर्भर रहने पर संशय की स्थिति है, क्योंकि जब तक टीकाकरण होगा तब तक कोरोना किस स्थिति में पहुंच चुका होगा यह कहा नहीं जा सकता है। वर्तमान में ही जिले में संक्रमण दर में एकदम से इजाफा हुआ है और पिछले एक हफ्ते से हर दिन औसतन 20 से अधिक संक्रमित निकल रहे हैं।

इतनी हैं जिले में 45 प्सल की आबादी, टीकाकरण में 6 माह लग सकते हैं 

2011 की जनगणना के अनुसार जिले की आबादी 17.26 लाख थी। 2001 से 2011 तक की वृद्धि दर के अनुसार वर्तमान में जिले की कुल आबादी करीब 21.8 लाख है। इसमें 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की संख्या करीब 4.15 लाख है। सरकार के आदेश के अनुसार इन सभी 4.15 लाख लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगना है।

अभी ग्रामीण अंचल में भी टीकाकरण शुरू होने के बाद हर दिन करीब 4500 लोगों को पहला डोज लगाया जा रहा है। अभी तक हेल्थकेयर वर्कर्स और फ्रंटलाइनर्स के अलावा 45 वर्ष से अधिक उम्र के अतिरिक्त 32 हजार लोगों को पहला डोज लगाया जा चुका है।

यदि यही रफ्तार रही और एक भी दिन टीकाकरण नहीं रुका तो भी 4.15 लाख लोगों को कोरोना का पहला और दूसरा डोज लगाने में करीब पांच से 6 महीने का समय लगेगा। इसके 15 दिन बाद एंटीबॉडी बनेंगी। इस तरह सितंबर महीने तक ही आबादी का यह हिस्सा कोरोना प्रूफ हो पाएगा, जबकि इसके बाद भी 17 लाख लोग शेष रह जाएंगे।

दो हफ्ते का अंतराल बढ़ा

जिले में सबसे ज्यादा डोज कोविशील्ड के लगाए जा रहे हैं। पहले और दूसरे डोज में अंतर चार हफ्तों का था जिसे नए शोध के बाद बढ़ाकर छह से आठ हफ्ते का कर दिया गया है, यानी अब दूसरा डोज 28 दिन के बजाय 42 दिन बाद लग रहा है।

इसके 15 दिन बाद शरीर में एंटीबॉडी बनना शुरू होती हैं जिससे एक व्यक्ति को टीकाकरण कराने के बाद कोरोना प्रूफ होने में दो महीने का समय लगता है। इस बीच में यदि वह सावधानी नहीं बरतता है तो उसके भी संक्रमित होने की आशंका सामान्य व्यक्ति जितनी ही होती है।