200 करोड़ रुपए पर भारी पड़ रहा है यह फोटो, शर्मसार हैं हम, हमे माफ करना - Shivpuri News

शिवपुरी। मैं शिवपुरी हूं,आज व्यथित हूं,कोरोना के संक्रमण ने मुझे घेर रखा हैं,प्रतिदिन संक्रमण बढ रहा हैं,थमने का नाम नही ले रहा है और उससे भी बुरा प्रतिदिन लाशे गिन रही हूं। अब लाशो की कतारे शमशान में लगने लगी हैं इसे देखकर हद्धय व्यथित होने लगता कलेजा भी फटने लगा हैं।

प्रतिदिन हैरान और परेशान करने वाली खबरे आती हैं,लेकिन आज एक खबर ने मुझे शर्मशार कर दिया। सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो रहा हैं पानी दान करने का। वैसे तो पानी पिलाना पुण्य का काम हैं लेकिन आज यह दान चीखने को मजबूर कर रहा हैं कि 200 करोड की लागत से बना मेडिकल काॅलेज के अस्पताल में पानी नही हैं।

वह भी ऐसे मरीजो को जो सीधी मौत से जंग लड रहे हैं। हाय री ये कैसी व्यवस्था कालेज में भर्ती मरीजो को पानी पिलाने वाला भी कोई नही हैं,भर्ती मरीज फोन लगाकर अपने परिजनो से पानी की मांग कर रहे हैं। अगर परिजन पानी ले भी जा रहे हैं तो मरीजो तक पहुंच भी नही रहा हैं।

अगर काॅलेज प्रबंधन ने यह नियम बनाया हैं कि कोविड के आईशोलन और आईसीयू में मरीजो के परिजन प्रतिबंधित रहेगें। नियम कालेज प्रबंधन ने ही बनाया हैं तो सोच विचार कर ही बनाया होगा,लेकिन ईलाज के साथ -साथ पीने को पानी भी चाहिए यह विचार नही किया होगा। ऐसा नही हैं कि अस्पताल में पीने का पानी नही होगा,लेकिन पानी देने वाला नही हैं।

अस्पताल में भर्ती मरीजो के परिजन कहते दिख रहे हैं कि कैसा ईलाज होगा,यह तो पानी भी नसीब नही हैं। अब आप ही सोचिए आईसीयू में गंभीर मरीज भर्ती हैं कैसे वह खाना खा रहे होगें,कैसे वह पानी पी रहे होगें। कई मरीज तो ऐसे भी होगें जो अपने हाथ से खाना पीना नही कर सकते हैं तो फिर वह कैसे इस किलर कोरोना से जंग लडंगें। यह व्यवस्था बदलनी होगी।

काॅलेज प्रबंधन को इसका हल निकालना होगा,मरीजो को उनके स्वास्थय की जानकारी परिजनो को भी नही दी जा रही है। वह चिंतित हो रहे हैं कि हमारा मरीज कैसा है,कोई खैरियत खबर नही मिलती हैं। प्रबंधन का कहना था कि मरीज की परिजनो से वीडियो काॅलिंग से बात कराई जाऐगी,लेकिन ऐसा नही हो रहा हैं।

दान के पानी से बुझानी पड़ी प्यासकोरोना काल में भी लोगों को सहीं ढंग से न तो इलाज मिल रहा है और न ही उन्हें खाने के लिए भोजन और न पानी। इसी के चलते जब कोरोना वार्ड में मरीजों को पानी न होने की बात पार्षद आकाश शर्मा को लगी तो वह अपने पैसों से 25 पेटी बिसलेरी की लेकर पहुंचे और कोरोना वार्ड में भर्ती मरीजों को पानी बंटवाया।