स्वास्थ्य विभाग के सभी दावे खोखले: नेत्रहीन वृद्धा का कोविड-19 टेस्ट तक नहीं करवा पाए - Shivpuri News

निशि भार्गव@ शिवपुरी। शिवपुरी जिला इस समय कोरोना की चपेट में हैं,प्रशासन ने कोरोना से निबटने के लिए गाईड लाईन पालन कराने के लिए सख्ती कर दी हैं,प्रतिदिन कोरोना को लेकर बैठको का आयोजन किया जा रहा हैं कि कैसे भी रोकना का संक्रमण फैलने से रूके,लेकिन यह सब दिखावा ही साबित हो रहा हैं,कम से कम यह मामला तो यही कहता है।

मामला शहर के खेडापति कॉलोनी का हैं,जहां स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिवार के सदस्य कोरोना पॉजीटिव निकले है। उन्है हॉम आईशोलेट किया गया हैं। स्वास्थय विभाग कागजी खाना पूर्ति तो कर आया लेकिन जो मूल काम हैं कोरोना से लडने का वह नही करके आया।

जानकारी के अनुसार स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व:एस.आर.जोशी का परिवार जो कि खेडापति कालोनी में निवास करता है। स्व:एस आर जोशी के बेटे और पोता कोरोना पाजीटिव आया हैं। स्वास्थय विभाग ने इन्है हॉम आईशोलेट कर दिया है।

इस परिवार में टोटल सदस्य रहते हैं। इनमे से 2 सदस्यो की जांच नही हुई हैं एक स्व:जोशी की पुत्रवधु और बेटी है। पॉजीटिव आए मरीज जोशी ने हमारे संवाददाता से बातचीत करते हुए बताया कि हमे ऐसा लगा कि हम कोरोना पॉजीटिव हो सकते हैं ऐसे सिंट्रम हमे दिख रहे थे। इस कारण मैने और मेरे बेटे की जांच कराई तो हम बाप बेटा पॉजीटिव आए।

स्वास्थय विभाग ने हमे हॉम आईशोलेट किया है। स्वास्थ्य विभाग हमे दवा दे गया लेकिन हमारे घर की दोनो महिलाए मेरी पत्नि और मेरी नेत्रहिन बहन कांता जोशी उम्र 70 वर्ष को अब कोरोना के लक्षण दिखाई दे रहे है। मैने स्वास्थय विभाग के कर्मचारियो से निवेदन किया मेरे घर के बाकी लोगो में भी कोरोना के लक्ष्ण दिख रहे हैं कृपा करके इनकी जांच करे और दवा दे।

जिला स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारीयों ने ये कहकर दवाई देने से इनकार कर दिया की पहले आप अस्पताल जाइये और जाँच करवाइये ज़ब आपको दवाई दी जाएगी लेकिन यहाँ सोचने वाली बात ये है की नेत्रहीन 70 वर्षीय बहन कांता जोशी जो खुद दुसरो के सहारे से जिंदगी जी रही हैँ अब ज़ब उनके बड़े भाई और नाती ही कोरोना पॉजिटिव आए है तो उनकी जाँच जिला अस्पताल करवाने कौन जायेगा।

वही इस घर में कोरोना पॉजीटिव होने के कारण सील किया गया हैं तो फिर इस घर के सदस्य अस्पताल कैसे जाऐगें। बडा सवाल है प्रशासन बार—बार दावा करता हैं प्रेस नोट रिजीज करता हैं कि घर के प्रत्येक सदस्य की जांच होगी। जांच करना तो छोडिए बीमार मरीज को दवा भी नही मिल रही है।
इस घर के बाकी मरीजो का स्वास्थय खराब हैं लेकिन घर में कोरोना पॉजीटिव होने के कारण किसी अन्य डॉक्टर को न तो घर में बुला सकते है और न ही किसी अन्य डॉक्टर के पास जा सकते हैं।

परिजनो का कहना हैं कि हमने अंग्रेजो का हरा कर देश से बहार कर दिया लेकिन हम जिले के स्वास्थय विभाग से हार गए।

इनका कहना हैं
आपके द्धारा मामला संज्ञान में लाया गया हैं मामला गंभीर हैं। मे प्राथमिकता से दिखवा कर इन मरिजो की जांच करवाते हैं।
अक्षय कुमार सिंह,कलेक्टर शिवपुरी