JEE में 3 बच्चों ने पाई सफलता: शिवपुरी का INDUCTANCE EDUCARE बना The Power of Shivpuri In Education

शिवपुरी। खबर 3 बच्चो की सफलता की हैं,खबर शिवपुरी के एक ऐजूकेशन संस्थान की हैं और खबर शिवपुरी की Education की ताकत की हैं। JEE (ज्वाईंट इंट्रेस एक्जॉम इंजीनियरिंग) में शिवपुरी के 3 बच्चो ने सफलता हाासिल की हैं,इन तीनो बच्चो ने शिवपुरी के INDUCTANCE EDUCARE संस्थान के मार्गदर्शन और नियमित क्लासेस अटेंड कर सफलता हासिल की है।

इस पूरी खबर में सबसे बडी बात यह हैं कि इस JEE एक्जॉम में शिवपुरी के लगभग ऐसे 60 बच्चो ने भी परिक्षा दी थी जो कोटा में रहकर इस प्रतियोगी परिक्षा की तैयारी कर रहे थे लेकिन उनमे से किसी ने भी यह सफलता हासिल नही की है। इन तीनो बच्चो ने शिवपुरी में ही पढकर और अपने कोचिंग टीचरो के मार्गदर्शन में यह सफलता हाासिल की हैं,इससे उन बच्चो के भविष्य के द्धवार और उन परिवारो की टेंशन खत्म हो गई जो अपने बच्चो को आर्थिक हालातो के चलते IIT-NIT की तैयारी कराने कोटा नही भेज सकते है।

जानकारी के अनुसार शिवपुरी में कक्षा 12 वीं में अध्ययनरत छात्र पीयूष गुप्ता,हार्दिक नाहटा और आयुष शर्मा ने JE का एग्जाम क्लीयर किया है,इस एक्जाम को क्लीयर करते ही IIT-NIT के देश के ब्रांड कॉलेजो में प्रवेश लेने के द्धवार खुल गए हैं।

इन तीनो बच्चो से शिवपुरी समाचार डॉट कॉम ने विशेष बातचीत की। शहर के इंडक्टेंस में पढ़ने वाले छात्र पीयूष गुप्ता पुत्र मुकेश गुप्ता ने बताया कि पहली बार जब उसने जेई परीक्षा दी थी तब उसके 96.25 फीसदी अंक हासिल हुए थे।और अब जो मेंस परिणाम आया है इसमें उसे 99 फीसदी अंक हासिल हुए।

खास बात यह है कि पीयूष को यह सफलता कोटा, इंदौर या महानगर में पढ़ाई करने से हासिल नहीं की वरन शिवपुरी में ही रहकर इंडक्टेंस के जरिए उसने पिता के मोबाइल पर ऑनलाइन कक्षाएं अटेंड की और पुराने वर्षों में आए पेपर का अध्ययन करने के बाद पढ़ाए गए विषय को रोज पढ़ने से जेई मेंस एग्जाम में 99 फीसदी अंक हासिल हुए।

आयुष शर्मा पुत्र मृगेंद्र शर्मा ने बताया कि उसने पिछली परीक्षा में 98 फीसदी अंक हासिल किए थे।गणित में ट्रिगनोमेट्री में कमजोर था। लेकिन लगातार अध्ययन करने से उसे सफलता मिली।हालांकि मेन एग्जाम में 97.3 फीसदी अंक मिले। आयुष ने लगातार लक्ष्य हासिल करने ऑनलाइन कक्षा में पढ़ाए विषयों को नियमित याद किया। और अभ्यास से सफलता हासिल की।

हार्दिक नाहटा ने बताया कि उसने कक्षा 10 में ही तय कर लिया था कि उसे जेई मेंस क्लियर कर एडवांस भी निकालना है ताकि उसका चयन अकेले एनआईटी में ना हो आईआईटी में भी हो। घर पर रहकर सोशल साइट से दूर रहकर लगातार पढ़ाई की। जिसका परिणाम सामने है। हार्दिक को 97.84 फीस दी अंक हासिल हुए।

सफलता एक दिन में नही पर एक दिन मिलती अवश्य है

अपनी संस्थान की इस सफलता पर संस्थान के डारेक्टर विवेक श्रीवास्तव ने कहा कि बच्चो अपने मन में एक बात पहले से क्लीयर कर ले कि सफलता एक दिन में नही पर एक दिन मिलती अवश्य हैं। यह तीनो बच्चे अपने टारगेट से नही भटके इनका टारगेट सेट था कि हमे यह एक्जॉम क्लीयर करना हैं और उन्होने कर दिखाया।

वही मैं अपनी फैक्लिटी को इस सफलता पर बधाई देता हूं उन्होने इन बच्चो की मनोदशा को समझकर अपने टिप्स दिए,और उनकी ईच्छा शक्ति को इतनी मजबूत कर दी कि अपने माता पिता के साथ से अच्छा साथ नही सकता हैं,हम उनके साथ ही रहकर अपनी पढाई करेंगें ओर सफलता हाासिल करेंगें। क्यो की बच्चो के मन में यह बात आती हैं कि हम महानगरो मे रहकर अच्छी पढाई कर सकते हैं लेकिन शिवपुरी के इस रिजल्ट ने इस बात को गलत साबित कर दी हैं।