प्रशासन की दस्तक: घर-घर जाकर प्रशासन करेंगा शून्य से 5 के बच्चो का स्वास्थ्य परीक्षण - Shivpuri News

शिवपुरी। जिले में 0 से 5 वर्ष तक के बीमार बच्चों की खोज खबर लेने, स्वास्थ्य विभाग का अमला 15 फरवरी से 20 मार्च तक अभियान चलाकर घर-घर ''दस्तक'' देगा। जिसका शुभारंभ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्यं अधिकारी डॉ.ए.एल. शर्मा एवं महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री देवेन्द्र सुदंरयाल द्वारा वार्ड 13 में हरिजन बस्ती मनियर में स्थित आंगनवाडी केन्द्र पर 3 वर्षीय बच्ची आयुषी को दवा पिलाकर किया।

शुभारंभ के साथ ही दो मानसिक रूप से कमजोर, दो कुपोषित तथा एक बच्चा पैरालाईसिस रोग से ग्रसित बच्चे चिन्हांकित किया गए इस अवसर पर डीपीएम डा. शीतल व्यास, सीडीपीओ नीलम पटेरिया, एएनएम निशा मांझी, आशा रचना जाटव, आंगनवाडी कार्यकर्ता नीलम सोनी उपस्थित थे।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.ए.एल.शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी 0 से 5 बर्ष तक के बच्चों में विभिन्न बीमारियों की पहचान तथा उपचार सुनिश्चित करने के उददेश्य से दस्तक अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत लगभग 2 लाख 3 हजार 381 बच्चों की महिला बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग का अमला संयुक्त रूप से गांव-गांव गली में घर-घर जाकर जानकारी लेगा।

डॉ.ए.एल.शर्मा ने दस्तक अभियान में तैनात अधिकारी एवं कर्मचारियों से पूर्ण मन योग से परिणामकारी कार्य करने तथा देश के भविष्य नवजातों एवं बच्चों को सुरक्षित करने के लिए हर संभव प्रयास करने का आग्रह किया है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.ए.एल.शर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान बीमार नवजातों और बच्चों की पहचान प्रबंधन एवं रैफरल, 5 वर्ष तक के बच्चों में निमोनिया की पहचान प्रबंधन एवं रैफरल, गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान प्रबंधन एवं रैफरल, 6 माह से 5 बर्ष तक के बच्चों में एनीमिया की पहचान व प्रबंधन, 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में दस्त रोग का निवारण एवं ओआरएस का वितरण करना।

9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन-ए की दवा पिलाना, बच्चों में दिखाई देने वाली जन्मजात विकृति एवं विकासात्मक बिलंव की पहचान व प्रबंधन, बच्चों में आहार पूर्ति हेतु परामर्श, एसएनसीयू व एनआरसी से छुटटी प्राप्त बच्चों की स्क्रीनिंग व फॉलोअप, छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण का कार्य किया जाना है। इस कार्य के लिए पूर्ण कार्य योजना बनाकर टीमें बना दी गई हैं। इस अभियान का प्रशिक्षण विकासखण्ड स्तर तक पूर्व में ही दिया जा चुका है।