34 दिन मौत से लडता रहा तनिष्क, दुर्लभ मेलियोइडोसिस बैक्टीरिया के कारण हुई मौत: संभत:मप्र का पहला मामला - Shivpuri News


शिवपुरी। खबर शहर को डराने वाली और स्वास्थ्य विभाग को चेतानी वाली हैं। आज दोपहर खबर आई कि 34 दिन मौत से संघर्ष करने के बाद अंत:तनिष्क ने दम तोड दिया। प्रथम घटना लिखे तो तनिष्क बाथरूम में बेहोश हुआ था,लेकिन तनिष्क की मौत मेलियोइडोसिस बैक्टीरिया के कारण हुई हैं और संभत:इस बैक्टीरिया से मप्र में पहली मौत हुई हैं।

जानकारी के अनुसार तनिष्क उर्फ रिज्जू जैन उम्र 16 साल पुत्र अशोक जैन सबइंजिनियर आरईएस निवासी छत्री रोड होटल सुख सागर के पीछे 17 जनवरी को सुबह 9.30 बजे अपने घर में बाथरूम में नहा रहा था। बताया जा रहा है कि तनिष्क नहाते समय बेहोश हो गया था और लगभग 15 मिनिट तक बेहोश बाथरूम में पडा रहा था।

तनिष्क को जब हल्का होश आया तो उसने आवाज दी। परिजनो ने तनिष्क को बहार निकाला और डॉक्टर के यहां ईलाज के लिए ले गए,चैकअप करने के बाद पता चला कि तनिष्क का आक्सीजन लेवल कम हो गया था और संभवना व्यक्त की जा रही थी कि लगातार बाथरूम में गीजर आन होने के कारण ओर गेट बंद होने के कारण बाथरूम में आक्सीजन लेबल कम हो गया था।शाम तक तनिष्क स्वस्थय होकर घर आ गया।

2 दिन तक सब कुछ समान्य रहा लेकिन 19 जनवरी को फिर तनिष्क की तबीयत खराब होने लगी,परिजन उसे ग्वालियर ले गए 2 दिन तक तबीयत में कोई सुधार नही होने के कारण परिजन उसे दिल्ली ले गए और दिल्ली के सरगंगाराम में भर्ती किया गया।

दिल्ली पहुचने तक तनिष्क की तबीयत गंभीर होती चली गई,तनिष्क वेंटीलेटर पर आ गया। आक्सीजन लेवल घट रहा था डॉक्टरो ने प्रथम चैकअप में लंग्स में इंफैक्शन होने की बात कही और ईलाज शुरू किया गया। जांचे की गई लेकिन 27 फरवरी को तनिष्क की जो जांच रिर्पोट आई उस जांच ने सर गंगाराम के डॉक्टरो को भी हैरान कर दिया।

परिजनो को कहना हैं कि तनिष्क की बॉडी में मेलियोइडोसिस बैक्टीरिया पाया गया हैं और यह सर गंगाराम के इतिहास में दूसरा केस हैं,इस बैक्टीरिया के कारण तनिष्क की बॉडी में इंफैक्शन बड रहा था। बैक्टीरिया बॉडी में प्रभाव दिखाने लगा और धीरे—धीरे ब्रेन तक पहुंच गया और ब्रेन में सूजन बडाने लगा।

डॉक्टरो के पैनल विचार कर ब्रेन का आपरेशन सिर्फ इस कारण किया गया कि कही ब्रेन में अधिक सूजन बडने के कारण तनिष्क को ब्रेन हैमरेज नही हो जाए। डॉक्टरो ने ब्रेन की हडडी काट कर पेट में सुरक्षित रख दी। सर गंगाराम के डॉक्टरो ने इस केस को चैलेंज के रूप में लिया था काफी प्रयास किए लेकिन आज 34 दिन बाद तनिष्क मोत से जंग लडते हुए आज हार गया।

तनिष्क के मामा ने पंकज जैन ने बताया कि सर गंगाराम के डॉक्टरो ने हमे बताया कि सर गंगाराम के मेडिकल इतिहास में मेलियोइडोसिस बैक्टीरिया का दूसरा केस हैं और संभत:मप्र का पहला केस हो। हालाकि शिवपुरी समाचार इस बैक्टीरिया की कोई पुष्टि नही करता है।

इनका कहना हैं
मेलियोइडोसिस (Melioidosis) एक जीवाणु संक्रमण (बर्कहोल्डरिया स्यूडोमेलेली) के कारण फैलने वाली स्थिति ‎है। बैक्टीरिया मिट्टी और पानी में मौजूद होते हैं। यह रोग, हालांकि दुर्लभ है, भारत में यह रेयर पाया जाता है। संक्रमण के ‎प्रकार के आधार पर इस बीमारी का इलाज किया जाता है। उपचार आमतौर पर दो अलग-अलग चरणों में किया ‎जाता है।

पहले चरण में एक गहन चिकित्सा शामिल है और दूसरी अवस्था एक उन्मूलन चिकित्सा है। यदि फेफड़े ‎में संक्रमण का कारण है, तो सर्जिकल प्रक्रिया की भी आवश्यकता हो सकती है, हो सकता हैं यह बच्चा किसी दूषित मिटटी और पानी के संपर्क में आया हो। हाालकि ये रेयर केस हैं शिवपुरी में यह कैसे आया इसे जस्टिफाई नही किया जा सकता हैंं,और यह संक्रमण मनुष्य से मनुष्य में नही फैलता हैं।
डॉक्टर,रितेश यादव एम डी मेडिशन मेडिकल कॉलेज शिवपुरी