आधारकार्ड नही तो नहीं होगी जांच, 24 घंटे से भूख से बिलख रहा है 6 माह का मासूम, जिम्मेदारों ने भगा दिया - Shivpuri News

आशीष पाण्डेय@ शिवपुरी। इन दिनों जिला चिकित्सालय भ्रष्टाचार का गढ बना हुआ है। यहां लगातार शिकायतों के बाद भी जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से बैंटीलेटर पर है। यहां न तो मरीजों को पलंग है। अगर पलंग है तो उनपर गदृदे नहीं है। जो अस्पताल कभी नवंर 1 का आवार्ड प्राप्त कर चुका है उसकी हालात अब दिन ब दिन बद से बततर होती जा रही है। पहले अनुमान लगाया जा रहा था कि मेडीकल कॉलेज बनने के बाद यहां के हालात सुधर जाएगे। परंतु हालात यह और विगडते जा रहे है।

आज एक मामला प्रकाश में आया है जिसमें सुघर सिंह आदिवासी निवासी जमौनिया के 6 माह के मासूम को गले में दिक्कत हो रही थी। जिसके चलते सुघरसिंह अपनी पत्नि पूजा के साथ अपने 6 माह के मासूम विराट को लेकर जिला चिकित्सालय आया। जहां डॉक्टरों ने इस बच्चे को देखकर भर्ती कर लिया। भर्ती के बाद उक्त मासूम के गले की जांच कराने के लिए डॉक्टर ने एक पर्ची दे दी।

जब पिता पर्ची को लेकर जांच कराने पहुंचा तो जांच कर रहे युवक ने उससे मां का आधार कार्ड मांगा। जिसपर से सुघरसिंह ने कहा कि अभी मां का आधारकार्ड नहीं बनवाया है। तो फिर जांच कर रहे कर्मचारी ने जांच करने से इंकार करते हुए उसे भगा दिया।

हद तो यह हो गई कि यह मासूम कल से भूखा है। गले में परेशानी होने के चलते वह दूध भी नहीं पी पा रहा है। वह भूख से बुरी तरह से तडफ रहा है। परंतु वहां काम कर रहे जिम्मेदारों को मासूम की चीख सुनाई नहीं दे रही और उसने जांच करने से इंकार करते हुए पिता को भगा दिया।

इनका कहना है
सहाब! बेटा कल से भूखा है। परंतु आधारकार्ड नहीं होने से उसकी जांच नहीं हो पा रही है। 24 घंटे हो गए बच्चे ने दूध भी नहीं पीया,बच्चा बुरी तरह से रो रहा है। परंतु जांच नहीं कर रहे है।
सुघरसिंह आदिवासी निवासी जमौनिया

आपके द्धारा यह मामला मेरे संज्ञान में लाया गया है। में इसें दिखबा लेता हूं। सबसे पहले में उसकी जांच कराता हूं। उसके बाद अगर किसी ने भगाया होगा तो उस पर कार्यवाही की जाएगी।
डॉ पीके खरे,सिविल सर्जन जिला चिकित्सालय शिवपुरी।