शहर पर अब वर्ड फ्लू का संकट: नहीं थम रहा पक्षियों के मरने का सिलसिला, अब अग्रवाल धर्मशाला के पीछे मिला कौवा - Shivpuri News

शिवपुरी। शिवपुरी में बर्ड फ्लू की दस्तक के साथ ही संकट गहरा गया है। रविवार को एक नीलकंठ सहित 15 पक्षियों की एक साथ मौत होने से हड़कम्प मच गया। जिनके सैम्पल जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं आज शहर के मध्य में स्थित अग्रवाल धर्मशाला के पीछे रहने वाले सेवानिवृत रेंजर रमेश कुमार गुप्ता की छत पर एक मृत कौवा पड़ा मिला, जिसकी सूचना श्री गुप्ता ने कंट्रोल रूम को दी तो मौके पर पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। जिन्होंने कौवे के शव को पॉलिथिन में पैक किया और उसे अपने साथ ले गए। उस कौवे का सैम्पल भी जांच के लिए भेजा गया है। 

ज्ञात हो कि रविवार को शिवपुरी सहित पोहरी, पिछोर और नरवर में पक्षियों के मरने की जानकारी मिली थी। जहां गाजीगढ़ में एक नीलकंठ, कौवा और 6 कबूतरों की मौत हुई थी। यह घटना गाजीगढ़ के ठाकुरलाल के फार्म हाऊस पर घटित हुई। वहीं पिछोर में दो कबूतर और नरवर में एक कबूतर मृत पाया गया। वहीं शिवपुरी रेलवे स्टेशन पर तीन कौवे मृत मिले थे। 

जिसमें एक कौवे का जीआरपी थाने के पास घूम रहे कुत्ते ने खा लिया। जिसे बाद में उल्टी दस्त होने लगे। वहीं कृष्णपुरम कॉलोनी में भी छत पर एक कौवा मृत पाया गया था। इन सभी के सैम्पल पशु पालन विभाग द्वारा लिए गए। साथ ही चांदपाठा झील से प्रवासी पक्षियों की वीट के सैम्पल भी लिए गए हैं। लगातार पक्षियों के मरने पर विभाग अलर्ट हो गया है। आज सुबह अग्रवाल धर्मशाला के पीछे कौवे के मरने की जानकारी मिली तो पशुपालन विभाग की टीम मौके पर आ गई और मृत ेकौवे को अपने साथ जांच के लिए लेकर रवाना हुई। 

शिवपुरी में बर्ड फ्लू की दस्तक 

उद्यानिकी विभाग में मिले पक्षियों के सैम्पल की जांच रिपोर्ट में उनकी मृत्यु बर्ड फ्लू से होना पाया गया है। शिवपुरी में और ग्रामीण क्षेत्रों में पक्षियों का मृत मिलना जारी है। पोहरी, पिछोर और नरवर में भी मृत पक्षी मिले हैं। बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद अब जिले में मांस और अंडों की दुकानें बंद की जाने की गणमान्य नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है।

छतों पर दाना डालना लोगों ने बंद किया 

धर्मप्रेमी छतों पर पक्षियों के लिए दाना और सकोरों में पानी भरकर रखते थे, ताकि पक्षी भोजन और पानी का सेवन कर सके। लेकिन बर्ड फ्लू की दस्तक के बाद अब लोगों ने छतों पर पक्षियों को खाना और पानी डालना बंद कर दिया है। पशु चिकित्सकों ने भी लोगों से अपील की है कि वह पक्षियों के लिए दाना और पानी न डालें।